पाॅलिथीन मुक्त ग्राम पंचायत के लिए जन जागरूकता और सहभागिता सबसे जरूरी- गौतम

बीकानेर, । जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा क शेरेरां ग्राम पंचायत ने पाॅलिथीन मुक्त पंचायत बनने के लिए जो कार्य प्रारम्भ किया है, इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे।
गौतम ने सोमवार को शेरेरां में राजकीय माध्यमिक विद्यालय में आयोजित पाॅलिथीन मुक्त ग्राम पंचायत पर आयोजित समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायतों को पाॅलिथीन मुक्त बनाने के लिए पंचायत समिति द्वारा प्रयास किया जाना अनुकरणीय कदम हैं। इस कार्य में सफलता के लिए जनसहभागिता सर्वाधिक सबसे आवश्यक है। गौतम ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक वन और प्राणी जगत सहित समस्त पर्यावरण के लिए सर्वाधिक खतरनाक है। इसके नुकसान से भावी पीढ़ियों को बचाने के लिए आज की पीढ़ी को ज्यादा सचेत और जागरूक होने की आवश्यकता है। आज भी देश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है। यदि गांव साफ-सथुरे होंगे तो इसका अनुकरणीय संदेश शहर वासियों तक भी पहुंचेगा तथा वे भी पाॅलिथीन मुक्ति के लिए प्रेरित होंगे और प्लास्टिक मुक्ति एक जनआंदोलन बन सकेगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि इस कार्य में जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हों तथा अपने-अपने क्षेत्र के दुकानदारों से प्लास्टिक इस्तेमाल ना करने के लिए समझाइश करें। दुकानदार अपनी दुकानों पर ‘‘प्लास्टिक से माफी’’ जैसे बोर्ड लगाएं ताकि लोग स्वयं प्लास्टिक ना मांगे। जिला कलक्टर गौतम ने कहा कि अपने क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री बनाकर जनप्रतिनिधि अपने कार्यकाल को एक माइलस्टोन के रूप में प्रतिस्थापित कर सकते हैं। इस अवसर पर कलक्टर ने विद्यालय में उपस्थित विद्यार्थियों से वन टू वन बातचीत की और उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग के दुष्प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाली हानियों को गंभीरता से लें और स्वयं इसका प्रयोग ना करें और अपने अभिभावकों को भी इसके प्रयोग को रोकने के लिए प्रेरित करें।
कपड़े से बने बैग्स का करें घर-घर वितरण
गौतम ने कहा कि कपड़े से बने थैलों को इस्तेमाल कर बाजार से सामान लाना हमारी परम्परा का हिस्सा रहा है। हमें इस परम्परा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर उन्होंने कपड़े से बने 10 हजार बैग बांटे। जिला प्रमुख सुशीला सींवर ने कहा कि सरपंच अपनी-अपनी ग्राम पंचायत के मुख्य मार्ग पर पॉलिथीन मुक्त ग्राम पंचायत का पोस्टर चिपकाएं तथा घर-घर जाकर इस संबंध में समझाइश करें। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक पवन पंचारिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि इसके लिए स्कूली बच्चों को ब्रांड एम्बेसेडर बनाया जाएगा तथा उन्हें प्लास्टिक व पाॅलिथीन लाकर स्कूल में जमा करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस अवसर पर एडवोकेट श्रीकिशन सींवर, प्राचार्य पुष्पा चैधरी, शेरेरां सरपंच परमेश्वरलाल सारस्वत ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि शेरेरां को प्लास्टिक फ्री ग्राम पंचायत बनाने के रूप में पायोनियर पंचायत बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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