बीकानेर

मातृ शिशु के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा ‘पुकार’ , अप्रैल से चलेगा विशेष अभियान

बीकानेर। गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा दो वर्ष तक के बच्चों की विशेष देखभाल, जच्चा-बच्चा टीकाकरण तथा पोषण सहित इनके सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से जिले में 1 अप्रैल से विशेष अभियान ‘पुकार’ चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक बुधवार को ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र में वार्ड स्तर तक बैठकों के माध्यम से जागरूकता के प्रयास किए जाएंगे।

जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंस के दौरान बताया कि गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा शिशुओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। अशिक्षा और जागरुकता की कमी के कारण इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। यह लापरवाही कई बार मातृ एवं शिशु मृत्यु का कारण भी बन जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो वर्ष का होने तक के लगभग एक हजार दिन महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान बेहतर पोषण और चिकित्सकीय देखभाल जरूरी होती है। इसके मद्देनजर जिले में ‘पुकार’ अभियान चलाया जाएगा।

जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के तहत एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा घर-घर जाकर गर्भवती और धात्री महिलाओं का चिन्हीकरण करेंगी। गर्भधारण के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्र या उप स्वास्थ्य केन्द्र में पंजीकरण और ममता कार्ड बनवाना, गर्भावस्था के दौरान 4 बार आवश्यक जांचें करवाना, चौथे माह से 100 दिन तक आयरन गोली प्रतिदिन देना, गर्भावस्था के दौरान उचित आहार, संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करवाना तथा प्रसव पश्चात् सावधानियों के बारे में जागरुक करने के साथ नवजात शिशु की देखभाल तथा समय पर सभी टीके लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पीले चावल देकर करेंगे आमंत्रित
जिला कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक बुधवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्र के वार्डों सहित कुल 520 स्थानों पर विशेष जाजम बैठकें आयोजित होंगी। यह बैठकें गांव की गर्भवती अथवा धात्री महिला के घर पर आयोजित होंगी। यहां गांव की अन्य सभी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा तथा गर्भावस्था के दौरान और प्रसव पश्चात् रखी जानी सावधानियों के बारे में जागरुक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल को पहली बार आयोजित होने वाली जाजम से पहले गर्भवती और धात्री महिलाओं को पीले चावल बांटकर आमंत्रित किया जाएगा। यह क्रम अनवरत चलेगा तथा जाजम संबंधी फोटोग्राफ एवं जानकारी अपलोड करने के लिए मोबाइल ऐप विकसित किया जाएगा। इस दौरान ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

परिवार नियोजन सहित सरकारी सुविधाओं के प्रति करेंगे जागरुक
जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के दौरान परिवार नियोजन तथा बर्थ कंट्रोल से मां के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर और दूसरी जटिलताओं के खतरे के होने वाले बचाव के बारे में बताया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, नशा मुक्ति, माहवारी के दौरान स्वच्छता और सेनटरी नेपकिन वितरण की उड़ान योजना, महिलाओं में पोषण, छह से दस वर्ष तक के बच्चों के डाइट प्लान के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इनके साथ ही संस्थागत प्रसव पर दी जाने वाली समस्त योजनाओं की जानकारी देने के साथ इनसे लाभांवित किया जाएगा।

इस दौरान जिला कलक्टर ने अभियान की निर्देशिका का विमोचन किया। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तरीय बैठकों में इसका वाचन किया जाएगा। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक शारदा चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मीणा, डीटीओ डॉ. चंद्रशेखर मोदी, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र तनेजा, आरसीएचओ डॉ. राजेश गुप्ता डॉ. नवल गुप्ता, डॉ. लोकेश गुप्ता, डीपीएम सुशील कुमार सहित चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। वहीं सभी ब्लॉक मुख्यालयों से उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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