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मौसम / बारां समेत प्रदेश के कई इलाकों में शुरू हुई बारिश, 4 या 5 जुलाई को आ जाएगा मानसून

जयपुर. मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। दिन में शुरू हुई बारिश ने बारां, अजमेर और जयपुर के आसपास के इलाकों में गर्मी से राहत मिली। बता दें कि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश हाेने की संभावना है। सोमवार शाम भी एकाएक बादल घिरे और बारिश हुई।

प्रदेश में सामान्यत: मानसून की एंट्री 1 जुलाई तक हाेती है। इस बार भी माैसम विभाग का अनुमान यही था कि तय समय पर मानसून की एंट्री हाेगी लेकिन अरब सागर में सक्रिय हुए वायु चक्रवात ने दक्षिणी-पश्चिमी मानसून आगे बढ़ने से राेक दिया जिससे मानसून 7 दिन तक लेट हाे गया।

राहत कि खबर यह है वायु का असर पूरी तरह खत्म हाेने के बाद अब फिर से अरब सागर से दक्षिणी-पश्चिमी नम हवाएं 60 से 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार से अागे बढ़ रही है। माैसम विभाग के अनुसार यह कंडीशन मानसून के लिए सबसे अच्छी हाेती है। जाे सिस्टम अब डवलप हुआ है इसी तरह ही अागे बढ़ता रहा ताे राज्य में 7 दिन देरी से आ रहा मानसून सिर्फ चार दिन ही लेट हाेगा।

माैसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
माैसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के फिलहाल अच्छी कंडीशन बन रही है, ऐसे में उम्मीद है कि मानसून 4-5 जुलाई तक प्रदेश में दस्तक दे देगा। माैसम विभाग ने अगले दाे दिन के प्रदेश के कई शहराें में आंधी-अंधड़ के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दाैरान अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश हाेने की संभावना है। यूं सोमवार शाम भी एकाएक बादल घिरे और बारिश हुई।

मानसून की राह

अरब सागर में दक्षिणी-पश्चिमी नम हवाएं केरल, बंगाल की खाड़ी, उड़ीसा, पश्चिमी बंगाल तक पहुंचती है। इस दाैरान अपर एयर सिस्टम डवलप हाेने से साइक्लाेनिक सर्कुलेशन बनता है जाे मानसून सिस्टम काे अागे बढ़ता है। सामान्य ताैर पर ऐसा 1 जुलाई तक हाेता है जिससे प्रदेश में मानसून की एंट्री हाेना माना जाता है।

वायु ने रोकी

इस बार 1 हफ्ते देरी से केरल में मानसून ने 8 जून काे एंट्री की। इसी बीच अरब सागर में खतरनाक चक्रवात वायु सक्रिय हुआ जिसने मानसून सिस्टम डवलप करने वाली दक्षिणी पश्चिमी हवाअाें का अागे बढ़ने से राेक दिया। चक्रवात के चलते दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं अागे बढ़ने की बजाय इसी के इर्द-गिर्द घुमती रही, जिससे मानसून सिस्टम कमजाेर पड़ गया।

अब उम्मीद

वायु का असर खत्म हाेने के बाद फिर से दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं अागे बढ़ रही है। पूर्वी राज्याें में साइक्लाेनिक सर्कुलेशन डवलप हुआ है जाे मानसून की अागे बढ़ाएगा। ज्याे-ज्याें यह सर्कुलेशन मध्यभारत से गुजरता राजस्थान की तरफ आगे बढ़ेगा ताे अरब सागर से गुजरात के रास्ते आने वाली दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं इससे टकराएंगी और अच्छी बारिश हाेगी। इस सिस्टम के डवलप हाेने से अब उम्मीद है कि राजस्थान में मानसून की एंट्री 4 से 6 जुलाई तक हाे सकती है।

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