राजस्थान : अपराध और नशे का तिलिस्म तोड़ने के लिए सरकार सख्त, कर रही कुछ ऐसा

राजस्थान : अपराध और नशे का तिलिस्म तोड़ने के लिए सरकार सख्त, कर रही कुछ ऐसा  राजस्थान : अपराध और नशे का तिलिस्म तोड़ने के लिए सरकार सख्त, कर रही कुछ ऐसा dfgd

राजस्थान में माफिया गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब और तेज होगी. वहीं, मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की बिक्री का सख्ती से मुकाबला किया जाएगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की मंजूरी के बाद एसओजी (SOG) में दो नई चौकी तथा नई एंटी नारकोटिक्स यूनिट के गठन के आदेश जारी किए जा रहे हैं. चूरू के रतनगढ़ और जयपुर ग्रामीण के पनियाला में एसओजी यूनिट तथा एसओजी मुख्यालय में एंटी नारकोटिक्स खोली जाएगी.

राजस्थान : अपराध और नशे का तिलिस्म तोड़ने के लिए सरकार सख्त, कर रही कुछ ऐसा prachina in article 1

दरअसल, प्रदेश में संगठित अपराध माफिया बेलगाम हो रहे हैं. वहीं, मादक पदार्थों और नशीली दवाओं का कारोबार बढ़ रहा है. बढ़ते अपराधों से जनता हलकान हो रही है. दूसरी ओर युवा नशे का शिकार हो रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद समय-समय पर इन बातों पर चिंता जता चुके हैं. मुख्यमंत्री ने संगठित अपराध और नशे के तिलिस्म को तोड़ने के लिए बजट में एसओजी में दो नई फील्ड यूनिट और एंटी नारकोटिक्स यूनिट की घोषणा की थी.

पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने इस साल की शुरुआत में तीनों यूनिट के प्रस्ताव गृह विभाग भेजवाए. एक बारगी वित्त विभाग ने तीनों यूनिट के गठन पर ही सवाल उठा दिए. लेकिन मुख्यमंत्री के गृह विभाग समीक्षा के दौरान स्कूल-कॉलेजों में नशे पर रोक लगाने के निर्देश दिए. इसके बाद वित्त विभाग ने यूनिट के गठन पर सहमति दी.

वित्त विभाग ने तीनों यूनिट की सशर्त मंजूरी देने के साथ ही प्रस्तावित पदों में पचास प्रतिशत से ज्यादा कटौती कर दी है. एसओजी की दो फील्ड यूनिटों के लिए दो एएसपी, दो डीएसपी, दो सीआई, 4 हेड कांस्टेबल, 24 कांस्टेबल तथा 2 मंत्रालयिक कर्मचारियों की जरूरत बताई थी.

इसके विपरीत फाइनेंस विभाग ने 2 एएसपी, दो सीआई, दो एसआई, 2 हेड कांस्टेबल तथा 10 कांस्टेबल मंजूर किए. एंटी नारकोटिक्स यूनिट के लिए 18 पद मांगे थे, लेकिन स्वीकृति 9 पदों की दी गई है. युवाओं में बढ़ते मादक पदार्थों के चलन, पाकिस्तान सीमा से मादक पदार्थों की तस्करी, सिंथेटिक साईकोट्रापिक ड्रग्स के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एंटी नारकोटिक्स यूनिट गठन की जरूरत है.

यह यूनिट केंद्र-राज्य की एजेंसियों से समन्वय कर मादक पदार्थों की तस्करी, उपयोग एवं व्यापार पर प्रभावी कंट्रोल व कार्रवाई करेगी. राजस्थान की 1070 किमी अंतरराज्यीय सीमा बीकानेर-जोधपुर संभाग के जिलों से जुड़ी है. बीकानेर इंटरनेशनल बॉर्डर से अपराधिक गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी, सीकर-झुंझुनूं में बढ़ते गैंगवार पर कंट्रोल के लिए चूरू में एसओजी चौकी की जरूरत है.

दिल्ली-जयपुर राजमार्ग, एनसीआर से लगने, हरियाणा की अपराधिक घटनाओं का असर अलवर-भिवाड़ी, जयपुर में होता है. बहरोड-कोटपूतली, मेवात में वन्यजीव, अवैध हथियार तस्करी, अवैध खनन आदि अपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं. इन सब पर नजदीकी से नजर रखने के लिए पनियाला में एसओजी चौकी उपयुक्त बताई गई है. यूनिट गठन के आदेश इस हफ्ते जारी हो जाएंगे.

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