त्यौहारी सीजन को लेकर राजस्थान रोडवेज ने लिया बड़ा फैसला

त्यौहारी सीजन को लेकर राजस्थान रोडवेज ने लिया बड़ा फैसला  त्यौहारी सीजन को लेकर राजस्थान रोडवेज ने लिया बड़ा फैसला rjasthan

दशहरा से लेकर दीपावली तक त्यौहारी सीजन के चलते यात्रियों का संख्या में बढ़ोतरी हो जाती है. ऐसे में रोडवेज प्रशासन की ओर से बसों के फेरों की संख्या व बसों की संख्या में बढ़ोतरी कर दी जाती है, जिससे त्यौहारी सीजन में यात्रियों को अपने गतंव्य तक जाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो सके. कोरोना संक्रमण के चलते रोडवेज प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए बसों क संचालन किया जा रहा है. लॉकडाउन और अनलॉक के समय से रोडवेज बसों ने अपनी सेवाएं दे रहा है. फिलहाल रूट पर यात्री कम होने से रोडवेज प्रशासन बसों की संख्या में यात्रीभार के आधार पर संचालन कर रहा है.

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दरअसल, अनलॉक के बाद रोडवेज प्रशासन ने यात्रीभार के आधार पर बसों की संख्या में बढोतरी कर संचालित की जा रहा है. शुरूआत में 150 बसों की संख्या में रोडवेज बसों को संचालन किया गया था, जो कि आज ये बसें 2500 बसों के संचालन तक पहुंच गई है.राजस्थान के विभिन्न जिलों के हिस्सों और गांवों तक बसों का संचालन से करीब साढ़े 4 लाख लोगों को अपने गतंव्य तक पहुंचाने का काम कर रही है.

त्यौहारी सीजन के चलते लोगों का आवागमन ज्यादा बढ़ जाता है. लेकिन राजस्थान सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लोग घरों से कम से कम बाहर निकले या फिर अतिआवश्यक हो तभी घरों से बाहर निकले. क्योंकि कोरोना संक्रमण के चलते लोग भीड़-भाड़ वाले जगह पर नहीं जाए कोरोना संक्रमण को फैलने से रोके. हालांकि, यात्री भार बढ़ने से रोडवेज का रेवन्यू बढ़ता है. लेकिन सरकार की भावना के साथ कोरोना संक्रमण के चलते लोग कम से कम संख्या में ही निकले का प्रयास करें, ताकि हम आप व लोग सुरक्षित रहे सके.

त्यौहारी सीजन दीपावली को देखते रोडवेज प्रशासन की ओर से 1 नवंबर के बाद से प्रदेश में 300 बसों का और संचालन किया जाएगा. अब प्रदेश में रोडवेज बसों की कुल 2800 बसों का संचालन किया जाएगा. रोडवेज सीएमडी नवीन जैन ने राजस्थान के 56 डिपों मैनेजरों से मीटिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जरूरत के अनुसार जहां जितनी बसें उपलब्ध है उपलब्ध चालक-परिचालक की स्थिति को देखते हुए ये 300 बसें उपलब्ध रहेंगी. यदि किसी डिपों में बसों की कमी हो जाती है तो प्राईवेट वेंडरों को भी रोडवेज की निर्धारित शर्तो के अनुसार बुलाने का प्रयास किया जाए. त्यौहारी सीजन में रोडवेज की ओर से बसों की कमी नहीं आने दी जाएगी.

राजस्थान रोडवेज द्वारा कंट्रोल रूम व मोबाइल नंबर पर लोगों की फीड आ रही है. वे फीड ये लोग मंदिरों के संबंध में बस संचालन की मांग करते हैं. लेकिन राज्य सरकार द्वारा खोले नहीं गए या ट्रस्ट द्वारा नहीं खोले गए है. ऐसी स्थिति में रोडवेज बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है. क्योंकि राज्य सरकार के नियमों के विरूद्ध जाकर मंदिर में भीड़ जमा हो जिससे ट्रस्ट को भी मुश्किल का सामना करना पड़े. अभी फिलहाल बसों के फेरे बढ़ाने या बसों की संख्या बढाने की मांग नहीं आ रही है. रोडवेज के मुख्य रूट दिल्ली, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर रूट पर रोडवेज की बसें आधे घंटे में यात्रियों के लिए उपलब्ध है.

रोडवेज की लगातार फीड लेने के लिए रोडवेज मुख्यालय पर हर रोज एक घंटे मीटिंग की जाती है. बसों के टाइमिंग बदलना, फेरे बढ़ाने को लेकर इस तरह के निर्णय लिया जाता है, जिससे यात्रियों को रूट पर सुचारू रुप से रोडवेज बस सेवा मिल सके.

राजस्थान रोडवेज का हमेशा से ही प्रदेश की जनता को सही समय पर रोडवेज की बसों की सेवाएं दे रहा हैं. आमजन का विश्वास को रोडवेज ने कायम बनाए रखा है. वहीं, रोडवेज बसों के संचालन से प्राईवेट मनमाना किराया वसूली पर भी अंकुश लगता है. त्यौहारी सीजन के चलते और कोरोना संक्रमण के चलते रोडवेज की सभी बसों के संचालन से पूर्व सैनिटाइज कर संचालित किया जा रहा है. वहीं, रोडवेज प्रशासन की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग और फेस मास्क के बाद ही बसों में प्रवेश दिया जाता.

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