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जन्‍माष्‍टमी पर क्यों आसमान छूने लगते हैं खीरे के दाम? ये है वजह

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भगवान विष्‍णु के 8वें अवतार श्रीकृष्‍ण के जन्‍मोत्सव को जन्‍माष्‍टमी के रूप में मनाया जाता है. इस साल जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर लोगों में काफी असमंजस है. लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त को मनाई जाए या फिर 24 अगस्‍त को.

भगवान विष्‍णु के 8वें अवतार श्रीकृष्‍ण के जन्‍मोत्सव को जन्‍माष्‍टमी के रूप में मनाया जाता है. इस साल जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर लोगों में काफी असमंजस है. लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त को मनाई जाए या फिर 24 अगस्‍त को.

जन्माष्टमी के मौके पर बाजार में खीरा बेचने वालों की तो चांदी ही चांदी होती है. 20 से 25 रुपये किलो में आसानी से मिलने वाला खीरा इस दिन 150-200 रुपये प्रतिकिलो ग्राम के हिसाब से बिकता है.

खीरा शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. लेकिन अब इसे कृष्ण जन्माष्टमी से जोड़ दिया गया है. जन्माष्टमी पर लोग श्रीकृष्ण को खीरा चढ़ाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि नंदलाल खीरे से काफी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सारे संकट हर लेते हैं.

श्रीकृष्ण को खीरे के अलावा माखन, मिश्री, खीर, ककड़ी, आटे की पंजीरी और धनिये की पंजीरी का भोग लगाया जाता है. इसके अलावा बाल गोपाल का दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया जाता है.

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