बीकानेर

बीकानेर शहर की रम्मत ने परकोटे के बाहर जमाया रंग

बीकानेर। ग्रामीण हाट में आयोजित हुनर बाजार में देर रात तक मेघराज आचार्य के निर्देशन में 130 वर्ष पुरानी अमरसिंह पर आधारित रम्मत का आयोजन हुआ। रम्मत पहली बार परकोटे के बाहर भव्य रूप से आयोजित की गई। व्यास कॉलोनी में बाहर से आए हुए सैंकड़ो लोगों ने रम्मत का आनन्द लिया। सैनिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और किसानों ने भी रम्मत का भरपूर आनन्द उठाया।
हुनर बाजार में हर रोज संध्य काल में कुछ ना कुछ विशेष आयोजन करने का मानस नौजवानों ने बना रखा है। इस अवसर पर विप्लव व्यास ने रम्मत का सांस्कृतिक महत्व बताया। मानव अधिकारों के लिए संघर्षरत् टी.यू.सी.एल. की राष्ट्रीय महामंत्री कविता श्रीवास्तव ने बीकानेर के युवकों की महासम्मेलन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सामाजिक विसंगतियों को समाप्त करने के लिए सबकों सामूहिक प्रयास करने होंगे। इंसान को बांटने वाली हर प्रयास का सांस्कृतिक तरीके से प्रतिरोध करना होगा। लहरीया समूह की तब्बस्सुम, आर्ट इण्डिया मिशन की ऋतु, वृक्षित फाउण्डेशन के सोहेल भाटी, अल्फाज फाउण्डेशन, शांति मैत्री मिशन इत्यादि समूह, हुनर बाजार में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। करीब 45 स्टॉलों पर महिलाऐं अपने उत्पादनों को प्रदर्शित कर रही है। हुनर बाजार के इस आयोजन में पहली बार दस्तकारी, हैण्डलुम तथा कपड़े पर अनेक कशीदाकारी के आकर्षक उत्पाद रखे गए है।
उस्ता आर्ट का भी एक अलग स्टॉल लगाया गया है। आयोजन में बीकानेर के पदमश्री प्राप्त उस्ता कलाकार हिस्साबुद्दीन उस्ता को भी याद किया गया।
पूर्व गृह राज्य मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल ने हुनर बाजार का उद्घाटन करते हुए इस प्रकार के कार्यो की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि ग्रामीण उत्पादकों को बाजार तक पहुंचाने में हुनर बाजार महत्वपूर्ण कड़ी है। इस अवसर पर शांति मैत्री की निदेशक अंकिता माथुर ने बताया कि पिछले एक वर्ष में सैंकड़ो दस्तकारों और युवकों को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ा गया तथा सामाजिक चेतना व सद्भाव के लिए निरन्तर यह समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।पूर्व गृह राज्य मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल को हुनर बाजार का स्मृति चिन्ह बाला माथुर ने प्रदान किया। उद्योग विभाग की प्रबंधक मंजू नैन गोदारा ने रम्मत कार्यक्रम को देर रात तक देखा और इसके महत्व को समझा। उन्होंने कलाकारों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि बीकानेर में सांस्कृतिक पहचान के रूप में रम्मत विशेष महत्व रखती है। मंजू नैन गोदारा को स्मृति चिन्ह सामाजिक कार्यकर्ता श्री कपिल गौड़ तथा मुकुल गौड़ ने प्रदान किया तथा उन्हें आश्वस्त किया कि संस्थान लगातार ऐसी गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी। यह कार्यक्रम 11 मार्च से 17 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।

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