fbpx

ऐतिहासिक सूरसागर में ऊंट उत्सव का भव्य और शानदार आगाज

ऐतिहासिक सूरसागर में ऊंट उत्सव का भव्य और शानदार आगाज  ऐतिहासिक सूरसागर में ऊंट उत्सव का भव्य और शानदार आगाज camelfestval

बीकानेर, 9 जनवरी। बीकानेर का ऐतिहासिक सूरसागर आज एक बार फिर रंगीन रोशनी से जगमगा रहा था। शहर के लोगों ने यहां आज जो नजारा देखा वो अभूतपूर्व था। जहां कुछ समय पहले तक गंदा पानी रहता था, उस सूरसागर में पानीे के अन्दर बिल्कुल मध्य में लगा मंच और वहां बीकानेर के कलाकारों की एक के बाद एक शानदार प्रस्तुति और लेजर लाइट का साउंड के साथ भव्य प्रदर्शन अपने आप में एक अविस्मरणीय दृश्य बन रहा था। अपनी भव्य स्थापत्य कला को समेटे हुए प्राचीन जूनागढ़ के ठीक सामने आधुनिक रोशनी से सराबोर सूरसागर की भव्यता का संगम एक अनूठा दृश्य उत्पन्न कर रहा था। इसे देख लोग रोमांचित और उत्साहित होने के साथ ही आश्चर्यचकित भी थे। मौका था अन्तर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के लिए सूरसागर में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित लेजर साउंड और सांस्कृतिक कार्यक्रम का। ऐतिहासिक सूरसागर में गुरूवार को अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का भव्य आग़ाज जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने किया और बीकानेर के हजारांे निवासी और सैंकड़ो की संख्या में बाहर से आए हुए सैलानी इस शानदार आयोजन के साक्षी बने।
गौतम का नवाचार एक बार फिर रंग लाया
उल्लेखनीय है कि जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने इस बार नवाचार करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव को 5 दिन आयोजित करने का निर्णय किया और बीकानेर के लोगों ने उनके हर नवाचार की तरह इस सार्थक पहल को भी हजारों की संख्या में सूरसागर पर आयोजित अपनी तरह के पहले और एकदम अनूठे सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाकर पूरा समर्थन दिया। वैसे तो बीकानेर के कला प्रेमी लोग ऐसे सभी कार्यक्रमों का पूरा लुत्फ उठाने के लिए मशहूर हैं, लेकिन आज हुए कार्यक्रम में कला प्रेमियों की संख्या सर्वाधिक रही। एक अनुमान के मुताबिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में यह बीकानेर के लोगों की अब तक की सर्वाधिक मौजूदगी के रूप में दर्ज की गई है।
सितारे सूरसागर में
कार्यक्रम की शुरूआत शंखनाद से की गई, इसके बाद बीकानेर के समृद्ध इतिहास और इस धरा के लिए ऊंटों के महत्व और यहां अयोजित होने वाले ऊंट उत्सव को दर्शाती लेजर और बीम लाईटों तथा बेहतरीन साउण्ड के द्वारा की गई रंगारंग प्रस्तुति से पूरा वातावरण जोश से लबरेज हो उठा। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम द्वारा लेजर लाइट एंड साउंड सिस्टम के कार्यक्रम के घोषणा के साथ ही जब लेजर लाइट के माध्यम से बीकानेर के 500 साल पुराने इतिहास को लाईट और साउंड सिस्टम के माध्यम से प्रदर्शित किया तो लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो 500 साल का इतिहास अभी उनके सामने से ही गुजर रहा है और वो इसके गवाह बन रहे हैं। इस दौरान जब लेजर लाईटों के प्रस्तुतीकरण के लिए अन्य सभी तरह की लाईटों को बंद कर दिया गया, और वहां उपस्थित जन सैलाब ने अपने-अपने मोबाईल फोन्स सेे इन पलों को अपने कैमरों में कैद करना शुरू किया, तो ऐसे हजारों मोबाईल फोन्स की लाईटों से ऐसा दृश्य बन रहा था, जैसे आसमान के सितारे सूरसागर में विचरण कर रहे हैं।
पिन ड्रॉप साइलेंट हो गए हजारों लोग
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बीकानेर की मानसी पवार ने भवाई नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी इस  शानदार प्रस्तुति को सभी दर्शक सराह ही रहे थे, कि घोषण हुई कि अब मानसी अपने सर पर चरी लेकर कांच के टुकड़ों पर डांस करेगी और सब लोग कांच की आवाज सुनें। इस घोषणा के बाद हजारों कला प्रेमियों ने बिल्कुल सांस थाम कर मानसी को उन कांच के टुकड़ों पर नृत्य करते हुए देखा भी और मानसी के पांव के नीचे कुचले जा रहे कांच के टुकड़ों की आवाज भी सुनी। वह समय ऐसा था जब पूरे सूरसागर क्षेत्र में पिन ड्रॉप साइलेंट हो गया और सभी लोग एकटक उस प्रस्तुति को देख रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि बीकानेर कला संस्कृति का एक समृद्ध शहर है। यहां की हवेली की स्थापत्य कला और विशेषकर गीत और नृत्य कला अपने आप में एक मिसाल है। हम सब लोगों को अपनी इस धरोहर को संजोए रखने में अपना योगदान करना चाहिए। वैसे बीकानेर के भाईचारे और बीकानेर की विभिन्न कलाओं ने देश ही नहीं, पूरे विदेश में अपनी पहचान बना रखी है। उन्होंने कहा कि बीकानेर वासियों के लिए यह एक सौगात है, जो कला व संस्कृति को समर्पित है।
 ये हुई प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर शाम को यादगार बना दिया। बीकानेर के इतिहास में पहली बार पानी के अंदर बने मंच पर स्थानीय कलाकारों ने उत्सव के पहले दिन अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से रोमांचक बना दिया।
कार्यक्रम का आगाज असगर खां एंड पार्टी ने पधारो म्हारे देश और दमा दम मस्त कलंदर जैसे गीत के साथ किया, दर्शकों ने इसे खूब सराहा। कालबेलिया नृत्य से राजस्थान की लोक संस्कृति का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। खालसा ग्रुप द्वारा भंगड़ा नृत्य की शानदार प्रस्तुति हुई। बीबू खां एण्ड पार्टी कीे सूफी संगीत की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। इस कार्यक्रम में पहली बार बन्नाटी नृत्य की भी प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में नगर विकास न्यास के सचिव मीणा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुश्री सुनीता चैधरी, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन रवींद्र हर्ष, संजय पुरोहित, किशोर सिंह राजपुरोहित, ज्योति प्रकाश रंगा और गणेश कलवाणी ने किया।

COMMENTS

WORDPRESS: 0