कोरोना की दूसरी लहर अब भी बरकरार, गृह मंत्रालय ने राज्यों को दी इन 5 बातों पर अमल की सलाह

 कोरोना की दूसरी लहर अब भी बरकरार, गृह मंत्रालय ने राज्यों को दी इन 5 बातों पर अमल की सलाह

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने हिल स्टेशनों और अन्य पर्यटन स्थलों पर कोविड-19 (Covid19) प्रोटोकॉल नहीं अपनाये जाने के मामलों पर कहा कि महामारी की दूसरी लहर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि गृह सचिव ने हिल स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकारों द्वारा उठाये गये कदमों की समीक्षा की. केंद्र की यह समीक्षा बैठक उन आशंकाओं के बीच हुई जिसमें कहा जा रहा है कि अगस्त और सितंबर के बीच में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है.

बैठक में गोवा, हिमाचल प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड तथा पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के हालात और टीकाकरण के प्रबंधन पर चर्चा की गयी. विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में यह कहा गया कि देश में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दूसरी लहर अलग-अलग स्तर पर है और कुल मिलाकर संक्रमण दर में गिरावट आई हो सकती है, लेकिन राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश में संक्रमण की दर 10 प्रतिशत से अधिक है, जो चिंता की बात है.

 टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, वैक्सीनेट और कोविड प्रोटोकॉल  का दिया फार्मूला
बयान के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव ने हिल स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर कोविड अनुकूल व्यवहार नहीं होने की खबरों के मद्देनजर चिंता जाहिर की. भल्ला ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर अभी समाप्त नहीं हुई है और राज्यों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंगसिंग और अन्य सुरक्षित तरीकों को अपनाने के संदर्भ में तय प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए.

केंद्र ने राज्यों ने टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, वैक्सीनेट और कोविड प्रोटोकॉल को पालन करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में 29 जून को मंत्रालय की ओर से आदेश भी जारी हुआ था. इससे पहले केंद्रीय गृह सचिव ने कोविड के मामले बढ़ने पर पूर्वोत्तर राज्यों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों में महामारी के हालात की 7 जुलाई को समीक्षा की थी. यह समीक्षा ऐसे वक्त में की गयी थी जब देश में पिछले एक हफ्ते में कोविड-19 की संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक वाले 73 में से 45 जिले पूर्वोत्तर क्षेत्र के हैं.

S.N.Acharya

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