बीकानेर सहित राजस्थान के सभी मंदिरों में चोरियों का पर्दाफाश , 3 को किया गिरफ्तार

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बीकानेर सहित राजस्थान के सभी मंदिरों में चोरियों का पर्दाफाश , 3 को किया गिरफ्तार mr bika fb post

बीकानेर। मुकाम के गुरू जंभेश्वर मंदिर में चोरी करने वाली गैंग को आरपीएस प्रेम कुमार की टीम ने दबोच लिया है। पकड़े गए तीनों चोर बेहद शातिर अपराधी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार खींवसर निवासी महेंद्र उर्फ डूंगर नायक, खींवसर निवासी सुभाष नायक व चितलवाना जालौर निवासी शंकर गिरी को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं एक अन्य की तलाश जारी है।

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बता दें कि 10 जनवरी की रात दो बजे मुकाम के गुरू जंभेश्वर मंदिर में चोरी की वारदात हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी बीकानेर संभाग प्रफुल्ल कुमार, एसपी प्रीति चंद्रा, एएसपी ग्रामीण व सीओ नोखा के निर्देशन में प्रशिक्षु आरपीएस प्रेम कुमार के नेतृत्व में एचसी रामेश्वर विश्नोई, एचसी भंवरलाल, एचसी आत्माराम व सायबर एक्सपर्ट एचसी दीपक यादव, कांस्टेबल कैलाश विश्नोई मय टीम गठित की गई।
टीम को प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में चार जने मंदिर में प्रवेश करते व निकलते दिखे। लेकिन ये सभी क्लियर नहीं थे, इनको पहचानना मुश्किल हो रहा था। प्रेम कुमार ने फुटेज जांच में पाया कि चार में से एक चोर ने कंबल ओढ़ रखी है, जबकि अन्य ने कंबल नहीं ओढ़ रखी है। कंबल से शक की सुई घूमी तो अधिक गौर किया गया। इस पर कंबल वाले शख्स की मूवमेंट पर गौर किया तो देखा गया कि कंबल ओढ़ा शख्स बार बार एक ही हाथ को आगे कर रहा है। वह लड़खड़ाते वक्त संभलने के लिए भी उसी एक हाथ का सहारा ले रहा है। चौंकाने वाली बात यह थी कि बार बार काम लिया जाने वाला हाथ टूटा हुआ था। इसी टूटे हाथ से पहचाने जाने के भय से उसने हाथ छुपाने के लिए कंबल ओढ़ रखी थी, लेकिन यह कंबल ही उसके हाथ तक पहुंचने में पुलिस के लिए बड़ा क्लू बनीं। ऐसे में प्रेम कुमार ने सीओ नोखा व उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर पुलिस रिकॉर्ड खंगाले तो सामने आया कि एक चोर ऐसा है जिसके एक हाथ आधा ही है। अब पुलिस ने महेंद्र उर्फ डूंगर नायक नाम के इस चोर पर अपनी जांच केंद्रित कर ली। पुलिस को महेंद्र के हुलिये व पूर्व के रिकॉर्डों से उसके इस वारदात में शामिल होने की आशंका हुई। इस पर टीम ने महेंद्र को पकड़ने के प्रयास शुरू किए और देर रात महेंद्र व उसके साथियों सुभाष व शंकर गिरी के साथ दबोच लिया।

इन चाेरियों का हुआ पर्दाफाश

1. जोधपुर ग्रामीण पुलिस के मातोड़ा थाना क्षेत्र में भोमिया जी के मंदिर से चांदी के छत्तर आदि चोरी की।

2. नागौर के खींवसर गांव के पास स्थित बूढ़ी माता के मंदिर से चांदी के छत्तर चोरी किए।

3. नागौर के श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के मंटिलासर स्थित गांव में भी चोरी की थी।

4. बीकानेर के पलाना गांव में सती मंदिर में भी इन लोगों ने ही चोरी की थी।

5. नोखा के टांट गांव में और स्वरूपदेसर गांव में मंदिर के गले से नगदी, छत्तर आदि सामान चोरी में भी इनका हाथ था।

6. बाडमेर के धोरीमना के बोर गांव में माताजी के मंदिर में छत्तर चोरी किया।

7. बाडमेर के गुड़ामलानी में रामजी की गोल में माताजी के मंदिर से छत्तर चोरी करने में इस गिरोह की भूमिका थी।

8. बीकानेर के कतरियासर गांव में जसनाथ जी के मंदिर से छत्तर आदि चोरी करने में भी यही गिरोह था।

ऐसे करते थे चोरी

मोटाराम नायक, डूंगर उर्फ महेंद्र नायक, राजू उर्फ राजिया नायक, शंकर गिरी व सुभाष नायक एक साथ मंदिरों के आसपास पहुंचते। यह पता करते कि वहां छत्तर तक पहुंचने का रास्ता क्या है? कब सूनसान रहता है। फिर इनमें दो लोग छत्तर उतारने का काम करते और बाकी इधर उधर रखा अन्य सामान ले जाते थे।

जांभोजी का छत्तर उतारने की काेशिश

इन लोगों ने जांभाेजी के धाम से भी भारी भरकम छत्तर उतारने की कोशिश में मुख्य दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि इनसे मुख्य दरवाजा ही नहीं खुला। ऐसे में दान पात्र में रखे करीब डेढ़् लाख रुपए लेकर चले गए।

गिरफ्तारी में इनकी रही मुख्य भूमिका

प्रशिक्षु आरपीएस प्रेमकुमार, उप निरीक्षक जगदीश सिंह, उप निरीक्षक सुमन परिहार, हैड कांस्टेबल रामेश्वर लाल, श्रवण कुमार, कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, रामस्वरूप, देवराम, कैलाश और हेम सिंह की मुख्य भूमिका रही।

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