डूंगरपुर शहर में एक रात में दो इंच बारिश, दुकानों में घुसा पानी

डूंगरपुर ,अब जिले की बारिश आफत बनती जा रही है। फसलें पूरी तरह चौपट होने के कगार पर पहुंच गई है। मंगलवार को अल सुबह हुई बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। बारिश के कारण कई इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई। कई दुकानों में पानी घुसने से हजारों रुपए का नुकसान हो गया। पुराने शहर के कानेरा पोल स्थित किराणा की दुकान में बारिश का पानी घुस गया।

सुबह जब दुकानदार पवन शर्मा ने जैसे ही अपनी दुकान खोली तो सारा किराणा का सामान पानी तैरता हुआ मिला। खाद्यान्न सामग्री बारिश के पानी में भीग गई। पास ही एक और दुकान में पानी घुस गया था। कानेरा पोल स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बनी बावडी में बारिश के चलते जल आवक बढ़ने से रात में ही बावडी ओवरफ्लो होने से मंदिर परिसर और गर्भगृह तक पानी पहुंच गया। वहीं नमकवाली गली में भी बारिश का पानी भरने से यहां के निवासियों को अपने घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ा। बारिश के कारण पातेला तालाब भर चुका है।

इधर, कई सरकारी कार्यालय में छतों से पानी टपकने के कारण कई सरकारी रिकार्ड बारिश के पानी भीग गया। कृषि और पशुपालन विभाग के कार्यालय में बारिश का पानी आने से अलमारी के ऊपर रखे कई फाइलें पानी से भीग गई। कई कंप्यूटर भीग गए। वहीं बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कंट्रोल रूप से मिली जानकारी के अनुसार सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते 24 घंटे में देवल में 115, निठाउवा में 85, गणेशपुर में 81, वैंजा में 80, सागवाड़ा में 75, आसपुर में 75, साबला में 65, डूंगरपुर में 54, कनबा में 44, धंबोला में 43, गलियाकोट 39, चिखली में 12 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।

बॉक्स: 22 बांध और तालाब हुए ओवर फ्लो

जिले में लगातार हो रही बारिश से कई बांधों एवं तालाबों में पानी आने से पूरी तरह से ओवर फ्लो हो चुके है। दो माह पहले इन तालाबों और बांधों में पानी नहीं होने के कारण सूखे हुए थे। लेकिन दो माह बाद इन तालाबों में स्थिति पूरी तरह से बदल गई। चौरासी क्षेत्र का अमरपुरा बांध भी छलक गया है।

बॉक्स: रोडवेज वर्कशॉप की गिरी दीवार

नए बस स्टैंड से अस्पताल मार्ग पर लगती रोडवेज की वर्कशॉप की दीवार मंगलवार करीब आठ बजे ढह गई। पास ही बिजली के ट्रांसफार्मर और दुकान पर दीवार का मलबा गिर गया। दुकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा सुबह के समय होने के कारण वहां पर कोई भी नहीं था। इससे जनहानि नहीं हुई।

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