केन्द्रीय बजट दिशाहीन और बेरोजगारी को बढावा देने वाला दस्तावेज-जलदाय मंत्री

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जयपुर, एक फरवरी। जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने सोमवार को प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को देश के सभी वर्गों में पहले से व्याप्त निराशा के अंधेरे को और गहरा कर उनकी कमर तोड़ने वाला एक दिशाहीन तथा बेरोजगारी को बढ़ावा देने वाला दस्तावेज बताया है।
डॉ. कल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि बजट में कोरोना के कारण पटरी से उतरी देश की अर्थव्यवस्था और विषम आर्थिक स्थितियों का सामना कर रही राज्य सरकारों को सम्बल देने की सोच का नितांत अभाव है। यह महंगाई की मार से त्रस्त आम आदमी के घावों पर मरहम लगाने की बजाय उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करेगा, इससे महंगाई बढ़ेगी। मजदूर, युवा, किसान और मध्यम वर्ग के लोग भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता के दूरगामी हितों के लिए राज्य सरकार की ओर से जल जीवन मिशन में केन्द्रीय हिस्सेदारी को बढ़ाने की मांग और ईस्टर्न कैनाल योजना को राष्ट्रीय दर्जा देने की प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2018 में राजस्थान की धरती पर की गई घोषणा को एक बार फिर अनदेखा कर दिया गया है, यह प्रदेश की जनता के साथ बड़ा छलावा है।
 
केन्द्रीय बजट पर जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला की प्रतिक्रिया
“केन्द्रीय बजट देश के सभी वर्गों में पहले से व्याप्त निराशा के अंधेरे को और गहरा कर उनकी कमर तोड़ने वाला एक दिशाहीन तथा बेरोजगारी को बढावा देने वाला दस्तावेज है। बजट में कोरोना के कारण पटरी से उतरी देश की अर्थव्यवस्था और विषम आर्थिक स्थितियों का सामना कर रही राज्य सरकारों को सम्बल देने की सोच का नितांत अभाव है। यह महंगाई की मार से त्रस्त आम आदमी के घावों पर मरहम लगाने की बजाय उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करेगा, इससे महंगाई बढ़ेगी। मजदूर, युवा, किसान और मध्यम वर्ग के लोग भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश की जनता के दूरगामी हितों के लिए राज्य सरकार की ओर से जल जीवन मिशन में केन्द्रीय हिस्सेदारी को बढ़ाने की मांग और ईस्टर्न कैनाल योजना को राष्ट्रीय दर्जा देने की प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2018 में राजस्थान की धरती पर की गई घोषणा को एक बार फिर अनदेखा करना, प्रदेश की जनता के साथ बड़ा छलावा है।

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