बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का इंतजार बढ़ा, लग सकता है कुछ और वक्त

 बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का इंतजार बढ़ा, लग सकता है कुछ और वक्त

नई दिल्ली. गुजरात स्थित फार्मास्युटिकल्स कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) की बच्चों के लिए बनाई गई कोरोना वायरस वैक्सीन जायकोव-डी (Zycov-D) को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने में कुछ दिन का समय लग सकता है. जायडस कैडिला ने 1 जुलाई को अपनी कोविड-19 वैक्सीन जायकोव-डी के आपातकालीन उपयोग के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) से मंजूरी मांगी थी. कंपनी के मुताबिक, उसने भारत में अब तक 50 से अधिक केंद्रों में 28 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स पर अपनी कोविड-19 वैक्सीन के लिए क्लीनिकल परीक्षण किया है. अंतरिम डाटा में वैक्सीन को प्रतिरोधी और सुरक्षित पाया गया है.

जायडस कैडिला ने एक बयान में कहा, ‘‘कंपनी ने जायकोव-डी के लिए डीसीजीआई के कार्यालय में ईयूए के लिए आवेदन किया है. यह कोविड-19 के खिलाफ एक प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन है.’’ डाटा के मुताबिक जायकोव-डी 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए सुरक्षित है. जायडस कैडिला ने प्रति वर्ष अपनी वैक्सीन की 12 करोड़ खुराक निर्मित करने का लक्ष्य रखा है. अगर मंजूरी मिल जाती है तो यह कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए दुनिया का पहला डीएनए आधारित टीका और देश में उपलब्ध पांचवां टीका होगा.

डीसीजीआई ने पिछले साल जुलाई में जायडस कैडिला को वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की अनुमति दी थी. उस समय कंपनी ने कहा था कि उसकी बनाई वैक्सीन जायकोव-डी जून 2021 में बाजार में उपलब्ध होगी. अगर जायडस की वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है, तो भारत में वैक्सीनेशन के लिए अनुमति पाने वाली यह पांचवीं कोविड प्रतिरोधी वैक्सीन होगी. देश में टीकाकरण के लिए कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक-V और मॉडर्ना की वैक्सीन को मंजूरी दी गई है.

S.N.Acharya

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