बीकानेरराजस्थान

राजस्थान बजट पर क्या कहना है विपक्षी नेताओं का

राजस्थान में आज पेश किए गए बजट पर विपक्षी नेताओ ने प्रतिक्रिया दी है ।

बजट में आमजन, महिलाओं व युवाओं के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं–सुश्री सिद्धि कुमारी

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्थान के प्रस्तुत किए गए बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीकानेर(पूर्व) की विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने इसे राज्य बजट की बजाय वास्तविकता से परे कागजी घोषणाओं वाला बजट बताया है। बजट में आमजन, महिलाओ ,युवाओं, किसानों व उद्यमियों के लिए कोई विशेष लाभकारी घोषणा नही की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए गए पूर्व के बजट में बीकानेर शहर के लिए की गई घोषणाओं का अब तक क्रियान्वयन नही हुआ है।

विधायक सुश्री सिद्धिकुमारी ने कहा कि सरकार के पास गिनाने लायक एक भी उपलब्धि ऐसी नहीं है जिनका धरातल पर क्रियान्वयन हुआ हो । कांग्रेस सरकार द्वारा बजट में केवल मात्र एक के बाद एक लगातार खोखली घोषणाएं की गयी है।

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राजस्थान सरकार का बजट लोकलुभावनी घोषणाओं के अतिरिक्त कुछ नहीं – अखिलेश प्रताप

भारतीय जनता पार्टी शहर जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा  राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत बजट को एक घोषणा वीर बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का वित्तीय प्रबंधन इतना खराब है कि गत वर्षों की बजट घोषणाएं भी अभी तक धरातल पर सिरे नहीं चढ़ी है। उन्होंने किसानों के लिए की गई घोषणाओं को मात्र छलावा बताया है।

सिंह ने कहा कि दिल्ली में किसान आंदोलन का समर्थन करने वाली सरकार को अपने प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करके दिखाना चाहिए था जो उन्होंने न कर प्रदेश के किसानों को गुमराह किया। राजस्थान के किसान हरियाणा में जाकर फसल बेचने पर मजबूर हो रहे है।

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र की अधिकांश योजनाओं को प्रदेश का कलेवर और नया नाम देकर अमलीजामा पहना दिया है। अस्पतालों में न चिकित्सक हैं, ना नर्सिंगकर्मी, ना  दवाइयां है और ना ही उचित जाँच सुविधा। इसी प्रकार महाविद्यालयों में ना शिक्षक है ना छात्रों के बैठने की सुविधा। संविदाकर्मियों के साथ एक बार फिर कुठारघात किया है। उनकी स्थाई नियुक्ति ना कर सिर्फ़ मानदेय बढ़ा कर एक बार फिर उनके साथ अन्याय किया गया है ।

सरकार इस बजट के माध्यम से राज्य की बदहाल आर्थिक स्थिति को ठीक करने, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी को रोकने,  जैसे मुद्दों पर एक बार फिर विफल साबित हुई है।

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मंत्रालियक कर्मचारियों में इस बजट को लेकर भयंकर आक्रोश व्याप्त, मंत्रालयिक कर्मचारी रहे फिर ख़ाली हाथ
अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ स्वतंत्र में इस आज हुई बजट घोषणा में प्रदेश के शासन की रीढ़ मंत्रालयिक कर्मचारियों की भावनाओं का ध्यान नहीं रखने पर भयंकर विरोध जताया, और आगामी दिवसों में जयपुर में आंदोलन करने हेतु बैठक आमंत्रित करने का निर्णय लिया।
प्रदेश संस्थापक मनीष विधानी ने बताया कि सरकार अपनी ही रीढ़ कहे जाने वाले मंत्रालयिक कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को लगातार दरकिनार कर रही है और अपने ही वादौं से मुकरने का काम कर रही है।इस बजट से आम मंत्रालयिक कर्मचारियों को बहुत उम्मीद थी लेकिन आज भी बाबू संवर्ग को सरकार ने खाली हाथ रखकर ये सिद्ध कर दिया है कि मंत्रालयिक कर्मचारी संवर्ग सरकार की नजरों में कोई अहमियत नहीं रखता है अतः हमारी धैर्य की पराकाष्ठा होने के उपरांत अब आगामी दिनों में सरकार को मंत्रालयिक कर्मचारियों के ऐतिहासिक आंदोलन का सामना करना पडेगा, चाहे हमें पुलिस प्रशासन की लाठियां खानी पड़े लेकिन प्रदेश के मंत्रालयिक कर्मचारी राजधानी जयपुर में अंगद बनकर महापड़ाव डालेंगे। संगठन के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गहलोत ने अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार ने चुनाव पूर्व मंत्रालयिक कर्मचारियों से जो वादे किए, उन पर सरकार को अमल करना चाहिए था। सरकार हमारी मुख्य ग्रेड पे की मांग के लिए भली-भांति परिचित थी उसके बावजूद मंत्रालयिक कर्मचारियों के विषय में जननायक मुख्यमंत्री जी ने कोई घोषणा नहीं की।
कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष व प्रवक्ता सागर पांचाल ने बताया कि इस बजट में सरकार ने आम कर्मचारी की मांग पुरानी पेंशन बहाल की, इसके लिए राज्य सरकार धन्यवाद की पात्र है। पांचाल ने बताया कि जिस कर्मचारी की वर्तमान ग्रेड 2400हे , छठे वेतनमान में उसका बेसिक पे 9840था, इस बेसिक पे पर सातवें वेतनमान में 25300रूपए का भुगतान होना चाहिए था लेकिन पूर्व सरकार के 30.10.17 के कटौती आदेश के द्वारा उस बेसिक पे को 9840 से 8080 कर दिया गया, जिससे छोटे कर्मचारियों को लगभग पांच हजार का नुक़सान कर सातवें वेतनमान में 20800 का ही भुगतान किया गया।इसकी क्षतिपूर्ति कर सरकार को 1986 से पिछड़े आम बाबू को कम से कम 2800ग्रेड का लाभ देना चाहिए था।
भारतिय प्रजापति हीरोज ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक व आल इंडिया कुम्हार प्रजापति पोलिटिकल फेडरेशन के संस्थापक संचालक सत्यनारायण प्रजापति ने अपने कैम्प कार्यालय से बजट में राजस्थान के एक मात्र कुम्हार समाज के विधायक मदन प्रजापत की लंबे समय से बालोतरा को जिला बनाये जाने की मांग को सरकार द्वारा बजट में घोषणा नहीं करने व नव गठित माटीकला बोर्ड को कोई निधि आवंटित नहीं की जाने पर राजस्थान सरकार की कड़ी आलोचना की है व एलान किया गया है कि यदि अशोक गहलोत सरकार तुरन्त इन मांगों को पुरा नहीं करती है तो कांग्रेस के खिलाफ प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।
भारतीय प्रजापति हीरोज ऑर्गेनाइजेशन के हैं राजस्थान के प्रदेश संयोजक एडवोकेट अशोक प्रजापत ने कहा कि केवल घोषणा वाला बजट है और इसमें कुम्हार समाज और ओबीसी का लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया है इस कारण हम इसका कड़ा विरोध करते हैं और प्रदेश भर में परिणाम भुगतने को तैयार है अशोक गहलोत।

कागजी घोषणाओं के अतिरिक्त बजट में कुछ भी वास्तविक नहीं

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रस्तुत किए गए बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने इसे राज्य बजट की बजाय वास्तविकता से परे केवल चुनावी छाया वाला  “घोषणा बजट” बताया है।

उन्होंने कहा कि कागजी घोषणाओं वाला यह बजट का पुलिंदा धरातलीय हकीकत से कोसों दूर है । प्रदेश की जनता राज्य सरकार द्वारा लगातार की जाने वाली थोथी घोषणाओं और झूठे वादों को अब अच्छे से समझने लगी है।

आचार्य ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए गए पूर्व के बजट में भी बीकानेर में चार से छह लेन सड़कें,  पब्लिक हेल्थ कॉलेज, मल्टीपरपज इनडोर हॉल, मिनी फूड पार्क, आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी सेंटर, स्वतंत्र मंडी की स्थापना, पेट स्कैन मशीन की स्थापना जैसी घोषणाएं अब भी पूर्ति की बाट जोह रही है तो नई घोषणाओं का हश्र आसानी से समझा जा सकता है ।

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केवल घोषणाओं से भरा लोकलुभावन सब्जबाग वाला चुनावी बजट

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रस्तुत किए गए राज्य बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते  हुए भाजपा जिला मंत्री और जिला मीडिया प्रभारी मनीष आचार्य ने इसे केवल थोथी घोषणाओं से भरा और आम जनता को लोकलुभावन सब्जबाग दिखाने वाला चुनावी बजट बताया है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने केवल और केवल चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनता को सब्जबाग दिखाने के लिए झूठी घोषणाओं के पुलिंदे वाला बजट प्रस्तुत किया है।

आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आम जनता के अरमानों को आंसुओं में बहाने और आंकड़ों का मायाजाल बुनने में मास्टर हैं। उन्होंने इतने लम्बे बजट भाषण में केवल किया जाएगा-किया जाएगा की घोषणाएं तो की हैं लेकिन किस बजटीय प्रावधान के तहत और कैसे किया जाएगा उस बारे में कुछ नहीं बताया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा प्रस्तुत चुनावी चाशनीयुक्त इस बजट में घोषणाओं के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए किसी भी प्रकार का बजटीय प्रबंधन और कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रावधान का स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

आचार्य ने कहा कि पूर्व में भी गहलोत सरकार द्वारा तीन बजट प्रस्तुत किए गए हैं परंतु उनमें सरकार के पास गिनाने लायक एक भी उपलब्धि ऐसी नहीं है जिनका धरातल पर क्रियान्वयन हुआ हो । इसी परंपरा को निभाते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा बजट में एक के बाद एक लगातार खोखली घोषणाएं की जा रही है और कांग्रेस के नेता उन घोषणाओं पर सदन में जोर जोर से मेज थपथपा रहे हैं परन्तु उन घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए मौन हैं।

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कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू करना सरकार का महत्वपूर्ण कदम: एकीकृत महासंघ

अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष केसर सिंह चंपावत द्वारा कर्मचारियों के हितों को देखते हुए बजट से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ओपीएस लागू करने एवं 30, 10, 17 की ग्रेड पे कटौती को वापस लेने की मांग की गई थी। संगठनके वरिष्ठ उपाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने कहा कि   आज बजट भाषण में माननीय मुख्यमंत्री जी ने महासंघ की लंबित और बहुत ही महत्वपूर्ण मांग 30 10 17 की ग्रेड पे कटौती को वापस लेना सरकार का महत्वपूर्ण कदम है और 2004 के बाद सरकारी सेवा में लगे कर्मचारियों का न्यू पेंशन स्कीम को वापस लेना और पुरानी पेंशन स्कीम को बाहर करना एक क्रांतिकारी कदम है एवं अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साथिन सहायक व अन्य केडर के मानदेय में 20% की बढ़ोतरी करना स्वागत योग्य कदम है महासंघ एकीकृत का स्वागत करता है परंतु संविदा कार्मिकों के लिए नियमितीकरण के नीति नहीं लाना अभी यह मांग शेष है संघर्ष जारी रहेगा.

इस घोषणा का महासंघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री  विजय सिंह राठौड़ प्रदेश सचिव बजरंग स्वामी जलदाय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश उपाध्याय गाना पर के महामंत्री अजमानी नर्सेज नेता महिपाल चौधरी श्रवण वर्मा वन विभाग की तस्वीर बरनाला सुरेंद्र फौजी अजय किराडू महावीर सारस्वत गौरीशंकर देवड़ा सभी ने इस कदम का स्वागत किया है

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