रूस की वैक्सीन पर क्यों माना भारत? स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही ये बात

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रूस ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बनाने का ऐलान करने के बाद उसका उत्पादन भी शुरू कर चुका है. हालांकि, कुछ देश जैसे- अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन रूस की वैक्सीन को संदेह की नजरों से भी देख रहे हैं. हालांकि भारत ने रूस की इस वैक्सीन पर भरोसा जताया है. भारत ने रूस की वैक्सीन लेने में दिलचस्पी दिखाई है और दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत जारी है. ये जानकारी भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दी गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘जहां तक स्पुतनिक- 5 वैक्सीन का सवाल है, भारत और रूस के बीच इस पर बातचीत जारी है. कुछ प्रारंभिक जानकारियां साझा की गई हैं’. आपको बता दें कि रूस ने हाल ही में दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन रजिस्टर्ड कराई है. इसके अलावा इस वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल भी जारी है. तीसरे चरण का ये ट्रायल रूस में 45 केंद्रो पर 40,000 से भी अधिक लोगों पर किया जा रहा है.

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वैक्सीन लॉन्च के बाद ही रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के सीईओ किरिल दिमित्रीव ने वैक्सीन के प्रोडक्शन पर भारत के साथ पार्टनशिप की इच्छा जताई थी. उन्होंने कहा था कि लैटिन अमेरिका, एशिया और मध्य पूर्व के देशों ने वैक्सीन के उत्पादन में दिलचस्पी दिखाई है.

दिमित्रीव ने कहा था, ‘वैक्सीन का उत्पादन एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है. वर्तमान में, हम भारत के साथ पार्टनरशिप करना चाहते हैं. हमें लगता है कि भारत गामेलिया वैक्सीन का उत्पादन करने में सक्षम है. इस पार्टनरशिप की मदद से हम मांग के मुताबिक वैक्सीन बना पाएंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी तैयार है.’

दिमित्रीव के अनुसार, ‘हम न केवल रूस में, बल्कि यूएई, सऊदी अरब, ब्राजील और भारत में भी इस वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल करेंगे. हम पांच से अधिक देशों में वैक्सीन का उत्पादन करने की योजना बना रहे हैं. हमारे वैक्सीन की एशिया, लैटिन अमेरिका, इटली और दुनिया के अन्य हिस्सों से डिलीवरी के लिए बहुत अधिक मांग आई है.’

रूस ने दो महीने से भी कम ह्यूमन टेस्टिंग के बाद Sputnik V वैक्सीन लॉन्च कर दी थी. इस ट्रायल के शुरूआती नतीजे अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. यही वजह के कई देशों के विशेषज्ञ इसके कारगर होने पर सवाल उठा रहे हैं.

इससे पहले, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा था, ‘रूस ने फास्ट ट्रैक तरीके से एक वैक्सीन बनाई है जो अपने शुरुआती चरणों में सफल रही है.’ अपने देश के वैक्सीन के बारे में ICMR के महानिदेशक ने बताया कि भारत की  Covid-19 वैक्सीन भी तेजी के साथ बनाई जा रही है. उन्होंने कहा, ‘इस समय भारत में कोरोना वैक्सीन की दौड़ में तीन वैक्सीन आगे हैं.’

डॉक्टर भार्गव ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन अपने पहले और दूसरे चरण के ट्रायल में है. वहीं भारत बायोटेक और जीडस कैडिला की वैक्सीन ने पहले चरण का ट्रायल पूरा कर लिया है. वहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा बनाई जा रही कोविड-19 वैक्सीन को इस साल रेगुलेटरी मंजूरी मिल सकती है.

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