विवाह समारोहों में लगी पाबंदियां बरकरार रहेंगी या हटेगी ? डीजे बारात पर आज हो सकता है फैसला

 विवाह समारोहों में लगी पाबंदियां बरकरार रहेंगी या हटेगी ? डीजे बारात पर आज हो सकता है फैसला

जयपुर. कोरोना काल में प्रदेश में शादी समारोहों पर लगे प्रतिबंधों से लोगों को राहत मिलेगी या नहीं इसका फैसला आज होगा. गहलोत सरकार ने 30 जून तक विवाह से संबंधित समारोहों में डीजे, बारात निकासी और प्रीतिभोज आदि पर पाबंदी लगा रखी है. हालांकि राज्य के गृह विभाग की ओर से अनलॉक-3 के लिये हाल ही में जारी की गई गाइडलाइन में शादी समारोह में अतिथियों की संख्या 11 से बढ़ाकर 40 कर दी गई थी, लेकिन अभी भी अन्य प्रतिबंध यथावत हैं. इन प्रतिबंधों पर आज फैसला हो सकता है कि ये जारी रहेंगे या इन पर से भी रोक हटेगी ।

राजस्थान सरकार ने हालांकि 1 जुलाई से मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल्स और होटल परिसरों में शादियों करने की अनुमति दे दी है, लेकिन डीजे, बारात निकासी और प्रीतिभोज आदि पर पाबंदियां बरकरार हैं. नये नियमों के शादी समारोह में 40 व्यक्तियों को सशर्त शामिल होने की अनुमति दी गई है. इन 40 लोगों में 25 आयोजनकर्ता का परिवार और अतिथि, 10 बैंड-बाजा वाले और 5 अन्य व्यक्ति शामिल हो सकते हैं. शादी समारोह शाम 4 बजे तक ही स्वीकृत हैं ।

इन जिलों में किया शादी व्यवसायी ने प्रदर्शन

जयपुर में अनूठा प्रदर्शन कर पाबंदियां हटाने की मांग की. कलक्ट्रेट पर किए गए प्रदर्शन में बैंड एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने बैंड बाजा बजाकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया. प्रदर्शन में बैंड एसोसिएशन के साथ ही टेंट डीलर्स एसोसिएशन, कैटरिंग एसोसिएशन, हलवाई एसोसिएशन, गार्डन विकास समिति और फ्लावर डेकोरेटर्स भी शामिल हुए. वेडिंग इंडस्ट्री फेडरेशन का दावा है कि लॉकडाउन और पाबंदियों के चलते इंडस्ट्री को अब तक करीब 350 करोड़ का नुकसान हो चुका है.

बीकानेर। शादी समारोहों और संबंधित व्यवसायों को छूट की मांग को लेकर कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए जिला टेंट व्यवसायी वेलफेयर समिति बीकानेर एवं अन्य समितियों की ओर से जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। गाजे बाजे वालों के साथ ऊंट घोड़ों पर सवार होकर आये प्रदर्शनकारियों ने अपने रोजगार पर आएं इस संकट से निजात दिलाने की सरकार से गुहार लगाई। प्रदर्शन कर रहे टेंट व्यवसायियों,बैंड बाजे वालों,हलवाईयों,कैटरिंग से जुड़े लोगों व फोटोग्राफर्स ने एक स्वर में शादी समारोह में समय अवधि व व्यक्तियों की पाबंदियों को हटाने तथा इससे जुड़े व्यवसाय को पूर्णतया खोलने की मांग की। साथ में चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारी मांग पर ध्यान नहीं देगी तो चक्का जाम, धरना प्रदर्शन, आमरण अनशन आदि किए जाएंगे।

S.N.Acharya

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