दिवाली के 4 दिन पहले पता चलेगा ,पटाखे चला पाएंगे या नहीं?

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राजस्थान में आतिशबाजी बिक्री पर लगी पाबंदी को हटाने के मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई 10 नवंबर तक टल गई। ये दूसरा मौका है जब कोर्ट में इस मामले में सुनवाई टली है। अब दीवाली के 4 दिन पहले ही पता चलेगा कि प्रदेश में आप पटाखे चला पाएंगे या नहीं?

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हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाली संघ राजस्थान फायर वर्क्स डीलर एंड मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के वकील आरएन माथुर ने बताया कि सरकार ने पटाखा बिक्री और आतिशबाजी करने पर जो रोक लगाई थी उस पाबंदी को हटाने के लिए याचिका लगाई गई थी।

इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी। लेकिन कोर्ट ने अब हमें 10 नवंबर को सुनवाई करने का समय दिया है। इधर, एसोसिएशन के प्रचार मंत्री जाहिर अहमद ने बताया कि याचिका पर सुनवाई टलने से पटाखा व्यापारी अब परेशान है कि दीपावली आने में एक सप्ताह का ही समय बचा है। ऐसे में उनके कारोबार का क्या होगा? इसलिए हम अब विचार कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट जाए, इसके लिए हम कानूनी राय भी ले रहे हैं।

दरअसल, राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश में राज्य सरकार ने 31 दिसंबर तक आतिशबाजी करने और पटाखा बेचने पर रोक लगा दी है। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या विक्रेता पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया है। सरकार के इस फैसले के बाद पटाखा कारोबार से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। यह भी समस्या है कि जो पटाखे बनकर तैयार हो गए हैं उनका पाबंदी के बाद क्या किया जाए?

पीआईएल का भी कोर्ट ने किया निस्तारण
हाईकोर्ट में ही आज आतिशबाजी पर रोक लगाने के लिए लगी एक पीआईएल पर भी सुनवाई थी। इसका निस्तारण किया गया। इसमें कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने आतिशबाजी पर रोक का आदेश जारी कर दिया है। ऐसे में जिस उदेश्य के लिए पीआईएल लगी है वह पूरा हो चुका है। अत: आगे इस मामले में सुनवाई का कोई मतलब ही नहीं रह जाता।

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