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परवन बांध परियोजना की डीपीआर आने के बाद काम शुरू होगा -डॉ.कल्ला

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जयपुर, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने  गुरुवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि परवन बांध परियोजना की (डीपीआर) विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आने के बाद ही काम शुरु किया जाएगा।
डॉ. कल्ला प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि परियोजना की डीपीआर के लिए 18 सितम्बर 2018 को 2.50 करोड़ रुपये दिये गये थे, लेकिन इसके बाद में जल जीवन मिशन शुरू हो गया। इसके कारण इस परियोजना के तहत पहले प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 35 लीटर जल देय था, वह बदलकर 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन हो गया है। उन्हाेंने कहा कि 31 मार्च तक इस परियोजना की डीपीआर आ जाएगी तब काम शुरु हो जाएगा।
उन्हाेंने बताया कि परवन बांध परियोजना में बांरा के 934 गांव तथा बारां शहर सम्मिलित है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए गत सरकार ने आनन फानन मे वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी, लेकिन अब डीपीआर आने के बाद कार्य शुरू होगा। 
इससे पहले विधायक श्री नरेन्द्र नागर के मूल प्रश्न के जवाब में श्री कल्ला ने कहा कि झालावाड़, बारां और कोटा जिले के क्रमशः 309, 936 एवं 576 गांवों सहित कुल 1821 ग्राम एवं बारां शहर को परवन-अकावद पेयजल परियोजना से लाभान्वित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट भाषण में घोषणा की गई थी । इस घोषणा की अनुपालना में  प्रथम चरण की परियोजना के लिए राशि रूपये 220.05 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय  स्वीकृति विभागीय वित्त समिति की 740वीं बैठक में 14 मार्च 2018 द्वारा जारी की गई।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि प्रथम चरण की उक्त स्वीकृत परियोजना में सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.), निविदा प्रपत्र इत्यादि तैयार करने, इनटेक वैल के निर्माण तथा जल संसाधन विभाग को बाँध निर्माण की हिस्सा राशि के भुगतान का कार्य सम्मिलित है । उन्होंने कहा कि कोटा जिले के 207 ग्राम हरिपुरा मांझी पेयजल परियोजना में तथा बारां जिले के 2 ग्राम कछावन पेयजल परियोजना में सम्मिलित किये जाने के कारण, परवन-अकावद पेयजल परियोजना में ग्रामों की संख्या 1612 (झालावाड़, बारां और कोटा जिले के क्रमशः 309, 934  एवं 369 ग्राम) रही है । ग्रामों की वास्तविक संख्या का निर्धारण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के तैयार होने के उपरान्त ही संभव हो सकेगा।
डॉ. कल्ला ने कहा कि प्रथम चरण की उक्त पेयजल परियोजना के सर्वेक्षण कार्य एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.) तैयार करने के लिए सलाहकार फर्म मैसर्स वेपकोस लिमिटेड, गुड़गांव (हरियाणा) को राशि रूपये 2.50 करोड़ का कार्यादेश 18 सितम्बर 2018 को जारी  किया जाकर कार्य प्रगति पर है तथा यह कार्य माह मार्च, 2020 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है।
उन्होेंने कहा कि उक्त परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने पर सक्षम स्तर से तकनीकी परीक्षण में इसके सही पाये जाने के उपरान्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धतानुसार परियोजना की स्वीकृति पर विचार किया जाना संभव हो सकेगा ।

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