जोधपुर. जल संकट के मुहाने पर खड़े राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में पानी पर पहरा बिठाने के बाद अब इसकी बर्बादी को रोकने के लिये भी प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है. इस सिलसिले में जिला कलेक्टर की ओर से जारी किये गये आदेशों के बाद नगर निगम ने भी सख्त रवैया अपना लिया है. नगर निगम प्रशासन ने बाइक धोते हुये पाये जाने पर एक व्यक्ति पर 200 रुपये का जुर्माना लगा दिया है. वहीं पानी की निगरानी के लिये फिल्टर प्लांट्स पर पुलिस का पहरा पहले ही बिठाया जा चुका है. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी शहरवासियों से पानी बचाने की पुरजोर अपील की है.
जानकारी के अनुसार नहरबंदी की अवधि में हुई बढ़ोतरी के बाद जोधपुर शहर में पैदा हो सकने वाले जल संकट के हालात को देखते हुये हाल ही में जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने अधिकारियों की बैठक ली थी. इसमें जिला कलेक्टर ने निर्देश दिये थे कि पानी के स्टोरेज और वितरण की समुचित व्यवस्था की जाये. शहर के चारों फिल्टर प्लांट्स पर 24 घंटे पुलिस जाब्ता तैनात रहना चाहिये. पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये. इन निर्देशों पर पुलिस प्रशासन ने तत्काल फिल्टर प्लांट्स पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिये थे.
बाइक धो रहा था तो लगाया जुर्माना
उसके बाद रविवार को नगर निगम प्रशासन ने पानी की बर्बादी पर जुर्माना वसूली भी शुरू कर दी. जोधपुर शहर में पानी की बर्बादी करने पर केके कॉलोनी निवासी गोविंद पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. गोविंद मोटरसाइकिल धोते हुये पाया गया था. निगमकर्मियों ने इस पानी की बर्बादी मानते हुये उस पर 200 रुपये जुर्माने की रसीद काट दी. जिला कलेक्टर ने शहरवासियों से जल संरक्षण की अपील की है.







