राजस्थानजयपुरबीकानेर

Rajasthan Politics: काँग्रेस में इन मंत्रियों के नहीं कटेंगे टिकट

Rajasthan Politics :

कांग्रेस का टिकट देने का निर्णय, लगभग सभी मंत्रियों के टिकट नहीं काटने का विचार किया है

कांग्रेस ने अपने आगामी चुनावों में लगभग सभी मंत्रियों को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है, भले ही विभिन्न सर्वे रिपोर्ट्स में कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को कमजोर बताया गया है। कांग्रेस की ओर से इन मंत्रियों पर भरोसा जताने की घोषणा की गई है.

कांग्रेस सरकार में न केवल मंत्री, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहे 6-7 अन्य नेताओं के टिकट भी कटे जाने की संभावना नहीं है। हैदराबाद में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई थी.

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में क्या हुआ?

हैदराबाद में हुई सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में कांग्रेस के भीतरी सर्वे पर चर्चा की गई, जिसमें कांग्रेस के सरकारी मंत्रियों के टिकट कटने के बारे में निर्णय नहीं लिया गया है। यह टिकट सीट-सीट के हिसाब से तय होगा और विभिन्न कारणों से मंत्रियों के टिकट हर बार ऊपर-नीचे होते हैं।

Rajasthan Politics :

सर्वे में कई मंत्री कमजोर लेकिन….

कांग्रेस ने अपने आंतरिक सर्वे के आधार पर टिकट कटने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है, भले ही कुछ सर्वे रिपोर्ट्स में कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को कमजोर बताया गया है।

कांग्रेस ने आलाकमान, प्रदेश कांग्रेस, सरकार और मुख्यमंत्री स्तर पर कई सर्वे करवाए हैं, और अन्य एजेंसियों भी इस पर काम करेंगी। यह सर्वे टिकट वितरण में मदद करेंगे, लेकिन टिकट वितरण का निर्णय टिकट के अर्हता (विनेबिलिटी) के आधार पर होगा, जैसा कि सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने घोषित किया है।

  • मंत्रियों के टिकट क्यों नहीं कटेंगे?
  • यह बातें स्पष्ट करती हैं कि कई मंत्रियों को कांग्रेस ने टिकट नहीं काटा है:
  • बी. डी. कल्ला
    • शिक्षा मंत्री:
    • उन्होंने जलदाय और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया है, और उनके कार्यकाल में राजस्थान में बड़ी शिक्षक भर्ती हुई है, जो पहले कई वर्षों से पेशेवर चुनौती थी.
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र से आते है। उनका टिकट तब भी कांग्रेस ने नहीं काटा था, जब वह लगातार दो बार चुनाव हार गए थे। ऐसे में इस बार उनका टिकट काटा जाना संभव नहीं लगता।

      Rajasthan Politics
      Rajasthan Politics
  • शांति धारीवाल,
    • नगरीय विकास मंत्री: विधानसभा में धारीवाल को सरकार का ट्रबल शूटर माना जाता है और उन्होंने विपक्ष के हमलों के सामने सरकार को मुश्किल स्थितियों में बचाया है। उन्होंने कोटा में चंबल रिवर फ्रंट जैसी वैश्विक पहचान स्थापित की है और उनका काम महत्वपूर्ण माना जाता है.

 

  • परसादी लाल मीणा:
    • चिकित्सा मंत्री: पूर्वी राजस्थान में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता हैं और उन्होंने सदा विपक्ष के हमलों के सामने सरकार को मुश्किल स्थितियों में बचाया है।

 

  • भंवर सिंह भाटी, ऊर्जा मंत्री:
    • उन्होंने विधायक और नेता के रूप में दो बार चुनाव जीते हैं, और उन्हें गैर विवादित और विनम्र नेता के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।इन मंत्रियों को कांग्रेस ने उनके क्षेत्रों और समाजों के साथी समर्थन के आधार पर टिकट नहीं काटा है।
    • Rajasthan Politics
      Rajasthan Politics
  • सालेह मोहम्मद, अल्पसंख्यक मामलात मंत्री:
    • सालेह मुस्लिम समाज से हैं, जो कांग्रेस का परंपरागत समर्थक समुदाय है।
    • उनके पिता गाजी फकीर की पोकरण-जैसलमेर क्षेत्र में जबरदस्त प्रतिष्ठा है।
    • Rajasthan Politics
      Rajasthan Politics
  • अशोक चांदना, खेल मंत्री:
    • चांदना गुर्जर समुदाय से हैं और हिंडोली से लगातार दूसरी बार विधायक हैं।
    • चांदना के नेतृत्व में 32 लाख खिलाड़ियों वाले ग्रामीण और शहरी ओलिंपिक खेलों का आयोजन भी हुआ है, जिनमें स्वयं सीएम और मंत्रियों ने कबड़ी भी खेली थी।
  • रामलाल जाट, राजस्व मंत्री:
    • जाट ने पिछले 25 वर्षों में 5 चुनाव लड़े हैं, जिनमें से चार जीते हैं।
    • वह जाट समुदाय से हैं और मजबूत नेता माने जाते हैं।
    • शकुंतला रावत, उद्योग मंत्री:
      • शकुंतला गुर्जर समाज से हैं और करीब 60 सीटों पर इस समाज की बहुतायत हैं।वह समाज की एक मात्र महिला मंत्री भी हैं।उनके कार्यकाल में राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट समिट (10 लाख करोड़ रुपए) हुई है
  • उदयलाल आंजना, सहकारिता मंत्री:
    • आंजना चित्तौड़गढ़ से सांसद (2009) भी रहे हैं।
    • वह सीएम गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सी. पी. जोशी के विश्वस्त नेता माने जाते हैं।
  • बृजेन्द्र ओला, परिवहन मंत्री:
    • झुंझुनूं सीट से लगातार तीसरी बार विधायक हैं।
    • वह दिग्गज कांग्रेस नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री शीशराम ओला के बेटे हैं।
  • प्रताप सिंह खाचरियावास, खाद्य मंत्री:
    • खाचरियावास कांग्रेस के मुखर राजपूत नेता हैं।
    • यह समुदाय राजस्थान में शीर्ष 2-3 ताकतवर मतदाताओं में गिना जाता है।
  • महेश जोशी, जलदाय मंत्री:
    • जोशी को राजनीतिक गलियारों में सीएम गहलोत का सबसे विश्वस्त मंत्री माना जाता है।
    • वह जयपुर से 2009 में सांसद भी बन चुके हैं।
  • हेमाराम चौधरी, वन मंत्री:
    • हेमाराम हालांकि उम्र का हवाला देकर खुद चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन ऐसी ही घोषणा उन्होंने पिछले चुनावों में भी की थी।
    • यह मतदाताओं से सहानुभूति हासिल करने की उनकी विशेष राजनीतिक शैली है।
  • महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, जल संसाधन मंत्री:
    • मालवीय बागीदौरा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक हैं।
    • उनकी पत्नी रेशम मालवीया बांसवाड़ा की जिला प्रमुख रही हैं।
  • लालचंद कटारिया, कृषि मंत्री:
    • जयपुर ग्रामीण से 2009 में सांसद रहे हैं।
    • उनकी पत्नी रेशम मालवीया बांसवाड़ा की जिला प्रमुख रही हैं।
  • प्रमोद जैन भाया, खनन मंत्री:
    • भाया के खिलाफ कांग्रेस के ही विधायक भरत सिंह कुंदनपुर कई बार सीएम गहलोत के पत्र लिख चुके हैं।
    • कुछ मंत्रियों के टिकट कटने का निर्णय नहीं लिया गया है, जैसे कि:

Rajasthan Politics :

कांग्रेस ने इन मंत्रियों को टिकट कटने का निर्णय नहीं लिया है, उन्हें टिकट वितरण के बाद के योग्यता के आधार पर चुना जाएगा।

  • गोविंद राम मेघवाल, आपदा राहत मंत्री
    • खाजूवाला (बीकानेर) से आने वाले मेघवाल को कांग्रेस ने हाल ही राजस्थान की चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन बनाया है।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: मेघवाल को कांग्रेस भाजपा के दिग्गज केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की टक्कर में आगे बढ़ रही है। मेघवाल समुदाय राजस्थान में सबसे बड़ा दलित मतदाता वर्ग है, इसलिए गोविंद राम कांग्रेस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नेता हैं।
  • विश्वेन्द्र सिंह, पर्यटन मंत्री
    • डीग-कुम्हेर से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते हैं। इससे पहले भी वे विधायक और सांसद दोनों रहे हैं।
    • उनके विधानसभा क्षेत्र डीग को सीएम गहलोत ने जिला भी बना दिया है। पूर्वी राजस्थान के जाट बहुल इलाके भरतपुर में भाजपा पिछले चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: सिंह इस इलाके में एक मजबूत नेता माने जाते हैं। कांग्रेस से उनके सामने किसी मजबूत नेता की दावेदारी नहीं है।
  • सुखराम बिश्नोई, श्रम विभाग
    • बिश्नोई भी सांचौर से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र सांचौर को हाल ही सीएम गहलोत ने नया जिला भी बनाया है।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: विश्नोई समुदाय से वे एकमात्र मंत्री हैं।
  • राजेन्द्र यादव, उच्च शिक्षा
    • यादव कोटपूतली से विधायक हैं। यह सीट भाजपा पिछले 3 चुनावों से हार रही है। इस विधानसभा क्षेत्र को सीएम गहलोत ने नया जिला भी बना दिया है।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: जयपुर, अलवर, भरतपुर में यादव समुदाय एक बड़ा मतदाता वर्ग है। वे इस समुदाय के अकेले मंत्री हैं गहलोत सरकार में।
  • जाहिदा खान, शिक्षा राज्य मंत्री
    • जाहिदा के पिता हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों की विधानसभाओं में कांग्रेस के विधायक और मंत्री रहे हैं। कामां सीट से पिछले तीन चुनावों से कांग्रेस जाहिदा को ही टिकट दे रही है।
    • हाल ही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल के संकेत पर रातों-रात जाहिदा को शिक्षा विभाग में बतौर राज्य मंत्री कई सारे कार्य आवंटित किए गए थे। उससे पहले वह मंत्री तो थीं, लेकिन उनके पास कोई खास अधिकार नहीं थे।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: जाहिदा अकेली मुस्लिम महिला हैं जो गहलोत मंत्रिमंडल में हैं। उनकी कामां सीट मुस्लिम बाहुल्य है
  • मुरारी लाल मीणा, पर्यटन मंत्री
    • मीणा दौसा से विधायक हैं। यह क्षेत्र मीणा बाहुल्य माना जाता है। वह दूसरी बार मंत्री बने हैं।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: उनकी स्थिति बहुत मजबूत नहीं, लेकिन कमजोर भी नहीं है।
  • रमेश मीणा, पंचायत राज मंत्री
    • सपोटरा सीट से विधायक हैं। वह इस सीट पर लगातार तीसरी बार जीते हैं।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: इस सीट को भी भाजपा अपनी 19 सबसे मुश्किल सीटों में गिनती है। उनका टिकट भी लगभग तय ही है।
  • अर्जुन बामनिया, जनजाति विकास मंत्री
    • जनजाति समुदाय (आदिवासी) पर कांग्रेस और भाजपा दोनों बहुत फोकस कर रही हैं।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: महेंद्रजीत सिंह मालवीय के बाद बामनिया आदीवासी इस समुदाय के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं।
  • भजनलाल जाटव, सार्वजनिक निर्माण
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: जाटव वैर सीट से आते हैं। विभिन्न सर्वे रिपोर्ट्स में कांग्रेस इस सीट को कमजोर मान रही है, लेकिन जाटव भरतपुर-अलवर क्षेत्र के प्रमुख दलित समुदाय से आते हैं। उनकी स्थिति न मजबूत है और न कमजोर।
  • ममता भूपेश, महिला व बाल विकास
    • ममता सिकराय से लगातार तीसरी बार टिकट पाने में कामयाब हुई हैं। एक बार हारीं, लेकिन दो बार विधायक बनी हैं।
    • क्यों नहीं कटेगा टिकट: वह एकमात्र दलित महिला चेहरा हैं, जो सरकार में मंत्री हैं। मुख्यमंत्री के विश्वस्त लोगों में भी हैं।

Rajasthan Politics:

Congress decided to give tickets, did not consider cutting tickets to ministers.

The Congress has decided to field almost all its ministers as candidates in its upcoming elections, even though various survey reports have described the performance of some ministers as weak. Congress has announced to express confidence in these ministers.

There is no possibility of the tickets of not only ministers but also 6-7 other leaders holding other important positions in the Congress government being cut. This issue was discussed in the Congress Working Committee (CWC) meeting held in Hyderabad.

What happened in the Congress Working Committee meeting?

The internal survey of Congress was discussed in the CWC meeting held in Hyderabad, in which no decision has been taken regarding cutting the tickets of Congress government ministers. This ticket will be decided seat-wise and due to various reasons, the tickets of ministers go up and down every time.

Rajasthan Politics:

Many ministers are weak in the survey but…

Congress has not taken any decision on cutting tickets on the basis of its internal survey, even though some survey reports have described the performance of some ministers as weak.

Congress has conducted several surveys at the high command, state Congress, government and Chief Minister level, and other agencies will also work on it. This survey will help in ticket distribution, but the decision on ticket distribution will be based on the winnability of the ticket, as announced by CM Ashok Gehlot and state in-charge Sukhjinder Singh Randhawa.

Why will the tickets of ministers not be canceled?
These things make it clear that Congress has not given tickets to many ministers:
Shanti Dhariwal,
Urban Development Minister: Dhariwal is considered the trouble shooter of the government in the Assembly and has saved the government in difficult situations in the face of attacks from the opposition. He has established global identity like Chambal River Front in Kota and his work is considered important.
B. D. Kalla Education Minister:
He has successfully managed important sectors like water supply and energy, and during his tenure there has been a large teacher recruitment in Rajasthan, which was previously a professional challenge for many years.

“Why the ticket will not be cut: He comes from a Brahmin dominated area. His ticket was not cut by the Congress even when he lost the elections twice in 2008 and 2013. In such a situation, it does not seem possible to cut his ticket this time.”

Rajasthan Politics
Parsadi Lal Meena:
Medical Minister: He is the tallest leader of Congress in East Rajasthan and has always saved the government in difficult situations in the face of opposition attacks.
Bhanwar Singh Bhati, Energy Minister:
He has won elections twice as MLA and leader, and is presented as a non-controversial and humble leader. These ministers have not been cut tickets by Congress on the basis of peer support from their areas and societies.

Rajasthan Politics
Shakuntala Rawat, Industries Minister:
Shakuntala belongs to the Gurjar community and this community is in majority on about 60 seats. She is also the only woman minister of the society. During her tenure, the biggest investment summit (Rs 10 lakh crore) has taken place in Rajasthan so far.
Saleh Mohammad, Minority Affairs Minister:
Saleh belongs to the Muslim community, a traditional supporter of the Congress.
His father Ghazi Faqir has a tremendous reputation in the Pokaran-Jaisalmer region.
Rajasthan Politics

पढे देश विदेश की खबरे इस लिंक पर

Ashok Chandna, Sports Minister:

Chandna belongs to the Gurjar community and is MLA from Hindoli for the second consecutive time.
Under the leadership of Chandna, rural and urban Olympic games were also organized with 32 lakh players, in which the CM and ministers themselves played Kabaddi.

Ramlal Jat, Revenue Minister:

Jats have contested 5 elections in the last 25 years, winning four.
He belongs to the Jat community and is considered a strong leader.

Udaylal Anjana, Cooperation Minister:

Anjana has also been an MP from Chittorgarh (2009).
He is considered a trusted leader of CM Gehlot and Assembly Speaker CP Joshi.

iOS 17 Update Launch

Brijendra Ola, Transport Minister:

He is MLA from Jhunjhunu seat for the third consecutive time.
He is the son of veteran Congress leader and former Union Minister Shishram Ola.

Pratap Singh Khachariyawas, Food Minister:

Khachariyawas is a vocal Rajput leader of Congress.
This community is counted among the top 2-3 powerful voters in Rajasthan.

Mahesh Joshi, Water Supply Minister:

Joshi is considered the most trusted minister of CM Gehlot in political circles.
He has also become MP from Jaipur in 2009.

Lalchand Kataria, Agriculture Minister:

Has been MP from Jaipur Rural in 2009.
His wife Resham Malviya has been the district chief of Banswara.

Pramod Jain Bhaya, Mining Minister:

Congress MLA Bharat Singh Kundanpur has written letters to CM Gehlot several times against Bhaya.
The decision to cancel the tickets of some ministers has not been taken, such as:

Hemaram Chaudhary, Forest Minister:

Although Hemaram himself has announced that he will not contest the elections citing age, he had made a similar announcement in the previous elections also.
This is his special political style to gain sympathy from the voters.

Mahendrajit Singh Malviya, Water Resources Minister:

Malviya is MLA from Bagidaura seat for the third consecutive time.
His wife Resham Malviya has been the district chief of Banswara.
Rajasthan Politics:

Congress has not decided to cut tickets to these ministers, they will be selected on the basis of merit after ticket distribution.

Govind Ram Meghwal, Disaster Relief Minister

What's your reaction?