ओलंपिक के गोल्डन बॉय भाला फेंक (Javelin throw) खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में इतिहास रच दिया है. जीत के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि हवा के चलते थोड़ी परेशानी हुई. अपना बेस्ट देने की हर कोशिश करता रहूंगा. मुकाबला कड़ा था, बहुत कुछ सीखने को मिला. नीरज ने कहा कि हर एथलीट की बॉडी भी अलग होती है. कभी किसी को कंपेयर नहीं किया जा सकता. सभी ने दमखम लगाया. हमने भी काफी कोशिश की.
नीरज ने अमेरिका के यूजीन में हुई चैम्पियनशिप के फाइनल में 88.13 मीटर दूर फेंका भाला फेंकते हुए सिल्वर मेडल पर निशाना साधा.वहीं जीत के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि हवा के चलते थोड़ी परेशानी हुई. लेकिन अपना बेस्ट देने की हर कोशिश करता रहूंगा. मुकाबला कड़ा था, बहुत कुछ सीखने को मिला. नीरज चोपड़ा ने कहा कि मैं हमेशा से बोलता आया हूं कि हर एथलीट का दिन था. पीटर्स ने अच्छा किया, आज पीटर्स का दिन था. ओलंपिक की बात करें तो पीटर्स फाइनल में भी नहीं पहुंच पाया था. ये हर एथलीट के लिए काफी चैलेंजिंग होता है, हर एथलीट की बॉडी भी अलग होती है. कभी किसी को कंपेयर नहीं किया जा सकता. सभी ने दमखम लगाया. हमने भी काफी कोशिश की. टफ कॉम्पटिशन था. आज के खेल से बहुत कुछ सीखने को मिला है.
जीत के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि सिल्वर की काफी खुशी है. उन्होंने कहा कि अलग से कोई रणनीति नहीं थी. क्वालिफिकेशन राउंड में काफी अच्छी थ्रो थी. हर दिन अलग होता है. हमेशा वैसा रिजल्ट नहीं मिलता जैसा हम सोचते हैं, लेकिन काफी कठिन मुकाबला था, हमने कमबैक किया और सिल्वर जीता.







