बीकानेर(Bikaner News)। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के गच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणिप्रभ सूरिश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती प्रवर्तिनी वरिष्ठ साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. ने शुक्रवार को ढढ्ढा कोटड़ी में प्रवचन में कहा कि माता-पिता, दादा-दादी व अन्य परिजन बच्चों को संस्कारित बनाएं । बच्चों के संस्कारों के प्रति अपने दायित्य को पूर्ण जिम्मदारी से निभाएं।
उन्होंने कहा कि माता-पिता व अन्य परिजन मोबाइल के वाट््स एप्, टी.वी. व अन्य फिजुल के कार्यों में समय व्यतीत नहीं करें। स्वयं घर-परिवार में नियम, कायदा, मर्यादा, धर्म व संस्कार में रहकर बच्चों को अच्छे संस्कार दें। संस्कारों के अभाव में आने वाले कल की पीढ़ी दिगभ्रमित होगी, जिसके परिणाम बहुत चिंताजनक होंगे। अभिभावक बच्चों को एकेडमिक शिक्षा के साथ धर्म, शास्त्र व संस्कृति, महापुरुषों की गाथाओं व उनके संदेशों के साथ संस्कार दें।
उन्होंने कहा कि पहली पाठशाला व गुरु मंा होती है। मां के संस्कारित होने पर ही बच्चें संस्कारित होंगे। मां के गुणवान, संस्कारवान, धार्मिक व शिक्षित होने पर बच्चें भी धार्मिक व संस्कारित होंगे। मां को लोक व परलोक का डर हो तो बच्चे भी उनसे डरेंगे। अभिभावक बच्चों को दुर्गति में नहीं जाने की चिंता करें। वर्तमान युग में पढ़ाना जरूरी है लेकिन वर्तमान में संस्कारों की अति आवश्यकता है। पहले की माता-दादी व अन्य परिजन प्रेरणादायक कहानी किस्सों के माध्यम से बच्चों को संस्कारित करती थी। वर्तमान में माताएं अपने बच्चों की पढ़ाई के प्रति तो सजग है लेकिन संस्कारों के प्रति उदासीन है। अभिभावक संस्कारों के प्रति अपनी उदासीनता का त्याग कर बच्चों के सर्वागींण विकास के प्रति सजग रहे।
बीस स्थानक तप की विशेष तप आराधना 18 को-साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. के सान्निध्य में में रविवार 18 अगस्त को ढढ्ढा कोटड़ी में बीस स्थानक तप की विशेष तप आराधना होगी ।इस उपवास मं चार सौ उपवास का लाभ मिलेगा । बीस स्थानक तपस्या के दौरान अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने प्रभावना की व तपस्या मंें भागीदारी के लिए नामांकन करवाया है।
माता-पिता बच्चों को संस्कारित बनाएं-साध्वीश्री शशि प्रभा जी.म.सा.
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