बीकानेर

जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम बुधवार को लूणकरणसर में जन-सुनवाई करते हुए।

जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम बुधवार को लूणकरणसर  में  जन-सुनवाई करते हुए।

बीकानेर(Bikaner), 26 जून। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जन-सुनवाई शिविरों का आयोजन करने के पीछे जिला प्रशासन की मंशा है कि ग्रामीणों के काम पंचायत समिति मुख्यालय पर हो जाएं और उन्हें जिला मुख्यालय तक न आना पड़े, विशेषकर काश्तकारों के कार्य, जिनमें पत्थरगढ़ी, निशानदेही, रास्ते, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने तथा पात्र श्रमिकों के आवेदन तैयार कर श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने तथा पालनहार योजना जैसी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति के लिए प्रारंभ की गई इन योजनओं का फायदा एक ही छत के नीचे मिल जाए, इसी उद्देश्य को लेकर नवाचार के रूप में आज प्रथम शिविर का आयोजन किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। वर्षों पुराने राजस्व से जुड़े कार्य भी कुछ ही समय में हुए और लोगों के चेहरे पर कार्य होने की खुशी भी स्पष्टतः दिख रही थी।
गौतम ने लूणकरणसर पंचायत समिति परिसर में लगे शिविर का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आज जितने भी प्रकरण प्राप्त होते हैं, उनका निस्तारण मौके पर ही कर दें। जिन विभागों के प्रकरण लम्बित रह जायेंगे, उन सभी को पंचायत समिति मुख्यालय पर रहकर शेष कार्य करने होंगे। उन्होंने जोधपुर विद्युत वितरण निगम के अभियन्तओं को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने के जितने प्रकरण बुधवार को प्राप्त होते हैं, उन सभी पर ट्रांसफार्मर बदलने के आदेश आज ही जारी कर ट्रांसफार्मर बदलने की तिथि संबंधित को बता दी जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को यह भी बताएं कि दीनदयाल उपाध्याय योजना में जो कार्य लम्बित हैं, उन सबका निस्तारण भी शीघ्र कर दिया जाएगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नाम जुड़वाने के जितने भी प्रकरण आते हैं,उन सभी का निस्तारण आज आॅफलाईन कर गुरूवार को सभी नामों को आॅनलाईन इन्द्राज कर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के काउण्टर पर जाकर भी जानकारी प्राप्त की। वहाँ उपस्थित आम जन ने बताया कि विभाग में आवेदनों के निस्तारण की गति बहुत धीमी है, इसके चलते श्रमिकों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। जिला कलक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जितने भी पात्र आवेदक हैं, उनके प्रकरणों का निस्तारण शीघ्र किया जाए। अगर योजनाओं की क्रियान्विति में जानबूझकर विलम्ब करने की जानकारी प्राप्त हुई, तो संबंधित के विरूद्ध राज्य सेवा नियमों के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। मृत श्रमिक नंदराम की पत्नी जानकी देवी ने करीब ढ़ाई साल पूर्व मुआवजे की राशि के लिए आवेदन किया था। इस पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु खेत में करंट लगने से हुई थी। जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने ढाई साल तक मुआवजा नहीं दिए जाने का कारण श्रम निरीक्षक से पूछा और प्रकरण में हुई देरी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पंजीकृत श्रमिक राजाराम और भादरराम ने छात्रवृत्ति दिलवाने हेेतु आवेदन किया।