हमारे शिवालय

बीकानेर का यह शिवालय धर्म, साहित्य, कला और पर्यटन का उभरता केंद्र है

 

धरणीधर महादेव

website default image 1

धरणीधर महादेव मन्दिर महापुरूष आचार्य श्री धरणीधर ने करवाया जिसका निर्माण कार्य संवत् 1776 मिगसर शुक्ला बारस के दिन सम्पन्न हुआ। मन्दिर में सफेद संगमरमर का विराट शिवलिंग जो भूतेश्वर महादेव है, पार्वती जी, गणेश भगवान, कार्तिकेय भगवान की प्राचीन मूर्तियां है। परिसर में ही संकट मोचन हनुमान जी का प्राचीन मन्दिर है। तीन बड़े बड़े पार्क व दो विशाल सभागार एवं संगमरमर लगा विशाल चौक है। वर्तमान में यह मन्दिर आचार्य श्री धरणीधर ट्रस्ट के अधीन है। मन्दिर परिसर में स्थित धरणीधर खेल मैदान है जिसको राष्ट्रीय पार्क बनाने की मुहिम जारी है। पर्यावरण को बढावा देने के लिए हर त्यौहार पर विशेष आयोजन होते है। वातानूकुलित रंगमंच में प्रतिदिन कार्यक्रम भी होते है और तालाब व हैरिटेज छतरियों का निर्माण कार्य किया गया है।

क्रतौ सुप्ते जाग्रत् त्वमसि फलयोगे क्रतुमतां
क्व कर्म प्रध्वस्तं फलति पुरुषाराधनमृते।
अतस्त्वां सम्प्रेक्ष्य क्रतुषु फलदानप्रतिभुवं
श्रुतौ श्रद्धां बध्वा दृढपरिकरः कर्मसु जनः।।20।।हे देवाधिदेव! आपने ही कर्म -फल का विधान बनाया। आपके ही विधान से अच्छे कर्मों तथा यज्ञ कर्म का फल प्राप्त होता है। आपके वचनों में श्रद्धा रख कर सभी वेद कर्मों में आस्था बनाया रखते हैं तथा यज्ञ कर्म में संलग्न रहते हैं।

This temple of Bikaner is an emerging center of religion, literature, art and tourism.
Dharnidhar Mahadev