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राजस्थान / 3 साल का इकलौता पुत्र झोपड़ी के पीछे खुले नाले में गिरा, अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी

Three year old boy died after wall in open sever | 3 साल का इकलौता पुत्र झोपड़ी के पीछे खुले नाले में गिरा, अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी

अलवर. बुधवार शाम करीब 6.30 बजे 3 साल का राघव अपनी झोपड़ी में खेल रहा था। कुछ देर बाद राघव खेलते-खेलते झोपड़ी के पीछे चला गया और एक खुले नाले में जा गिरा। नाले की गंदगी व पानी में डूबने से राघव की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा अग्रसेन सर्किल के पास स्थित गाड़िया लुहार बस्ती में हुआ। राघव के नाले में गिरने की जानकारी परिजनों को करीब डेढ़ घंटे बाद पता चली। राघव का पिता राजू गाड़िया लुहार उसे सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने राघव को मृत घोषित कर दिया। राघव अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। राघव के पिता राजू की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। राजू के माता-पिता किशनगढ़बास में रहते हैं। एनईबी थानाधिकारी रविंद्र प्रताप ने बताया कि मृतक बालक के शव काे मोर्चरी में रखवा दिया है और गुरुवार काे शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

बिना पटाव का नाला, कई बार शिकायत किसी ने नहीं सुना

बस्ती के लोगों ने बताया कि राघव झुग्गी झोपड़ी के अंदर से खेलता हुआ बाहर आया और झोपड़ी के पीछे चला गया। झोपड़ी के पीछे खुला नाला है। बालक खुले नाले में जा गिरा और नाले के पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। लोगों ने बताया कि नाले के ऊपर पटाव नहीं है। इसके लिए कई बार नगर परिषद व जिला प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया।

परिजन बस्ती में तलाशते रहे उधर बच्चे की सांसें थमती गईं

परिजनों काे जब राघव झोपड़ी में दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने तलाश शुरू की। परिजन बस्ती में इधर-उधर राघव को तलाशते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद जब उन्होंने झोपड़ी के पीछे जाकर देखा तो राघव नाले में गिरा मिला। इसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई। राघव की मां रो-रोकर बेहाल हो गई। राघव का पिता राजू उसे लेकर तत्काल सामान्य अस्पताल गया, लेकिन तब तक राघव की सांसें थम चुकी थीं।

पार्षद बोले- सब्जी मंडी वाले नाले साफ नहीं रहने देते
जिस क्षेत्र में यह हादसा हुआ, वह वार्ड 38 में है। वहां के पार्षद पुरुषोत्तम मनचंदा का कहना है कि नालों की सफाई नियमित कराई जा रही है। सब्जी मंडी वाले नाले में रोजाना सड़ी-गली सब्जियां डाल देते हैं। इस क्षेत्र का कुछ हिस्सा वार्ड 41 में आता है। इस वार्ड के पार्षद कपिलराज शर्मा ने नगर परिषद आयुक्त पर ठेकेदार से मिलीभगत का अाराेप लगाया है। शर्मा ने कहा- कागजों में नालाें की सफाई के लिए जितने कर्मचारी दिखा रखे हैं, उतने अाते नहीं हैं। यही कारण है कि अभी तक नालाें की सफाई का कार्य पूरा नहीं हुअा है। अब कलेक्टर से इसकी शिकायत की है।

दावा – शहर में 250 नाले, 115 कर्मचारियों की 3 टीमें इनकी सफाई कर रही हैं

नगर परिषद के सफाई समिति के चेयरमैन घनश्याम गुर्जर का दावा है कि शहर के नालों की सफाई का काम पिछले दो महीने से चल रहा है। मानसून आने तक काम पूरा हो जाएगा। इस कार्य के लिए 115 कर्मचारियों की 3 टीमें लगी हुई हैं। एक टीम में 30 से लेकर 45 कर्मचारी हैं। शहर में करीब 250 नाले हैं। नालाें की सफाई के लिए शहर के 50 वार्डों काे 3 जाेन में बांट रखा है।

हकीकत- शहर के नालों की हालत देखकर ऐसा लगता नहीं कि सफाई हो रही है। ज्यादातर नाले गंदगी के अटे पड़े हैं। इसका परिणाम यह हुअा है कि बुधवार शाम काे अग्रसेन सर्किल के पास नाले में गिरने से एक बालक की माैत गई।

प्रशासन के अधिकारी
जो सरकारी बैठकों में नालों की सफाई का आदेश तो दे देते हैं, लेकिन सफाई हो रही है या नहीं, इसकी परवाह नहीं करते।

नगर परिषद के अधिकारी
मानसून पूर्व नालों की सफाई शुरू कराने का दावा लेकिन करा कुछ नहीं रहे। इसके लिए अलग से टीम भी बना रखी है।

वार्ड का पार्षद
इनका तो काम ही ऐसी परेशानियों से वार्ड के लोगों को मुक्ति दिलाना है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं।