बीकानेर के इस शिवालय में हुमायूँ ने ली थी शरण

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कसौटीनाथ महादेव

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नाथ सागर में स्थित कसौटीनाथ महादेव मन्दिर में स्थापित शिवलिंग कसौटी पत्थर का बना होने के कारण इसे कसौटी नाथ महादेव नाम दिया गया है। यह मन्दिर 16वीं शताब्दी में स्थापित किया गया था। प्रारम्भ में मन्दिर नाथ पंथ का प्रसिद्ध केन्द्र रहा है। धरातल से लगभग 30 फीट की सम चौरस उंचाई पर बने निर्माण में तीन मन्दिर व एक चामुण्डा मन्दिर है। मन्दिर का जीर्णोद्वार महाराज गजसिंह ने 1745 से 1787 के मध्य करवाया था। इस कारण इसे श्री गजपतेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि मुगल बादशाह हुमायूँ शेरशाह सूरी से पराजित होकर जब गुप्त मार्ग से भाग रहा था तो कुछ समय के लिए अज्ञातवास में उसने इस मन्दिर में शरण ली थी।

महेशान्नापरो देवो महिम्नो नापरा स्तुतिः।
अघोरान्नापरो मन्त्रो नास्ति तत्त्वं गुरोः परम्।। 35।।




महेश से श्रेष्ठ कोइ देव नहीं, महिम्न स्तोत्र से श्रेष्ठ कोई स्तोत्र नहीं। ऊँ से बढकर कोई मंत्र नहीं तथा गुरू से ऊपर कोई सत्य नहीं।

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