अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को दें सुरक्षित माहौल-गौतम

अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को दें सुरक्षित माहौल-गौतम

बीकानेर(Bikaner), 27 जून। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को सुरक्षित वातावरण मुहैया करवाया जाए तथा इस वर्ग के व्यक्तियों पर अत्याचार से जुड़े प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करते हुए सम्बंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करें।
गौतम ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण समिति, जिला पैरोल समिति, आंतरिक सुरक्षा की बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्रकरण अधिक समय होने पर थाना स्तर पर लम्बित है उन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सम्बंधित को राहत दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि घोड़ी पर नहीं बैठने देने, बाल कटिंग और सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश आदि में इस वर्ग के लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं हो। यदि ऐसा कोई प्रकरण पुलिस के पास आता है तो शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस त्वरित कार्यवाही कर प्रकरण दर्ज कर जांच करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सामाजिक दबाव के कारण किसी पीड़ित को प्रकरण वापस ना लेना पड़े, ना ही पीड़ित समझौता करने के लिए मजबूर हो। जिला कलक्टर ने कहा कि जातीय सोहार्द बढ़ाने के लिए पुलिस स्थानीय लोगों की भागीदारी से स्नेह मिलन समारोह आयोजित करें। पोस्को से जुडे़ प्रकरणों में पुलिस एफआईआर दर्ज करने के समय ही पीड़िता की आयु के सम्बंध सत्यापित और मान्य साक्ष्य ले और उसके अनुसार धाराएं लगा कर कार्यवाही करें। बैठक में बताया गया कि एससी एसटी के प्रकरणों में अब तक 34 व्यक्तियों को क्षतिपूर्ति भुगतान कर लाभान्वित किया गया है।
जिला कलक्टर ने जिला पैरोल समिति की भी बैठक ली। बैठक में कुल 16 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। इनमें से 11 मामलों को लम्बित रखा गया। 4 प्रकरणों को निरस्त किया गया तथा 1 मामले में जमानत मुचलका पेश करने के लिए 30 दिन की समयावधि बढ़ाई गई।
जिला मजिस्ट्रेट कुमारपाल गौतम ने आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में स्थित सभी गैस प्लान्ट पर सुरक्षा के संपूर्ण बंदोबस्त रहें, इसके लिए समय-समय पर अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों के गैस प्लान्टों का निरीक्षण करते रहें। इस दौरान प्लान्ट से जुड़े अधिकरियों को यह भी समझाईश करें कि जो कर्मचारी कार्यरत हैं, वे यहाँ धूम्रपान आदि न करें। साथ ही बाॅटलिंग प्लान्ट में समय-समय पर माॅक ड्रिल कर सुरक्षा के सभी उपायों को जाँचते रहें। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) शैलेन्द्र देवड़ा, सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल डी पंवार सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बार्डर पर विकसित होगा पर्यटन केन्द्र
जिला कलक्टर ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर पर्यटन केन्द्र विकसित करने के लिए प्रस्ताव भिजवाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में बीएसएफ सुरक्षा सम्बंधी समस्त मापदण्ड तय कर तकमीना बनाकर प्रस्तुत करें, जिससे इस क्षेत्र और आसपास के लोगों में राष्ट्र के प्रति देश भक्ति की भावना जगाई जा सके और क्षेत्र का पर्यटन का विकास होने से अर्थव्यवस्था को भी संबल मिले। इस सम्बंध में बीएसएफ अधिकारी उच्च स्तरीय अधिकारियों से चर्चा कर सक्षम स्तर पर अनुमति प्राप्त कर लें।

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